प्रयागराज हत्याकांड में चार एंगलों पर जांच:करोड़ों की संपत्ति, जेल में बंद बेटा, कर्ज का विवाद और रिश्तों का जाल… आखिर किसने मिटा दिया पूरा परिवार


प्रयागराज के साउथ मलाका के हीवेट रोड पर करोड़पति व्यापारी वीरेंद्र कुमार वैश्य के परिवार के चार सदस्यों की निर्मम हत्या ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। व्यापारी वीरेंद्र वैश्य और उनकी पत्नी अनीता, बेटी मीनाक्षी और बेटे अभिषेक के शव घर के अलग-अलग हिस्सों से मिलने के बाद पुलिस अब इस हत्याकांड की तह तक पहुंचने के लिए कई दिशाओं में जांच कर रही है।
घटनास्थल से मिले एक गत्ते पर लिखे शब्द “बंटी, बबली और बहू ने मारा” ने पूरे मामले को और उलझा दिया है। पुलिस फिलहाल चार बड़े एंगल पर जांच आगे बढ़ा रही है। पहला एंगल: जेल में बंद बेटे और उसकी कथित पत्नी पर शक
जांच का सबसे अहम बिंदु मृतक व्यापारी का छोटा बेटा अश्विनी है, जो इस समय कौशांबी जेल में बंद है। परिवार के करीबी लोगों के मुताबिक वीरेंद्र वैश्य ने अश्विनी को अपनी संपत्ति से बेदखल कर दिया था और उससे लगभग सभी संबंध खत्म कर लिए थे।
अश्विनी की कथित पत्नी रितु भी धोखाधड़ी के एक मामले में उसके साथ जेल गई थी, हालांकि फिलहाल वह जमानत पर बाहर है। पुलिस इस संभावना की भी जांच कर रही है कि कहीं संपत्ति और पारिवारिक विवाद के चलते अश्विनी और रितु ने किसी के जरिए पूरे परिवार की हत्या की साजिश तो नहीं रची।
रितु की तलाश में पुलिस की कई टीमें जुटी हुई हैं और उससे पूछताछ को जांच के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। घटना से जुड़ीं तस्वीरें देखिए…
दूसरा एंगल: करोड़ों की संपत्ति के लिए रची गई साजिश?
हीवेट रोड पर स्थित दो मंजिला मकान और उससे जुड़ी अन्य संपत्तियों की कीमत 10 से 15 करोड़ रुपये के बीच बताई जा रही है। अश्विनी के बेदखल होने के बाद परिवार की संपत्ति के संभावित वारिस बड़े बेटे अभिषेक और बेटी मीनाक्षी ही थे।
दोनों अविवाहित थे। ऐसे में जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि कहीं किसी करीबी रिश्तेदार या संपत्ति पर नजर रखने वाले व्यक्ति ने पूरे परिवार को रास्ते से हटाने की साजिश तो नहीं रची।
पुलिस पारिवारिक संबंधों, संपत्ति से जुड़े पुराने विवादों और संभावित वारिसों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
तीसरा एंगल: कर्ज, मारपीट और पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी
जांच के दौरान एक बेहद अहम जानकारी भी सामने आई है। सूत्रों के अनुसार कुछ समय पहले अभिषेक ने किसी व्यक्ति से कर्ज लिया था। समय पर पैसा वापस न मिलने पर कर्ज देने वालों ने कथित तौर पर अभिषेक की पिटाई की थी और उसे कुछ समय के लिए अपने साथ भी ले गए थे।
बाद में बहन मीनाक्षी ने हस्तक्षेप कर रकम का इंतजाम किया और अभिषेक को छुड़ाकर घर लाई थी। बताया जा रहा है कि इस घटना के बाद अभिषेक का अपने पिता वीरेंद्र वैश्य से भी गंभीर विवाद हुआ था।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह सामने आई है कि उस दौरान कथित तौर पर धमकी दी गई थी कि यदि पैसा वापस नहीं मिला तो पूरे परिवार को खत्म कर दिया जाएगा। अब पुलिस यह खंगाल रही है कि क्या उस धमकी और चार लोगों की हत्या के बीच कोई संबंध है।
चौथा एंगल: अभिषेक की गतिविधियां और अनसुलझे रिश्ते
पुलिस का चौथा एंगल अभिषेक के निजी जीवन और उसके संपर्कों से जुड़ा है। पड़ोसियों और कुछ रिश्तेदारों ने पुलिस को बताया है कि अभिषेक की संगत को लेकर परिवार में अक्सर विवाद होता रहता था। पिता से कई बार उसका झगड़ा हुआ और इसकी मकान में किराये पर दुकान चलाने वालों ने भी पुष्टि की है।
जांचकर्ताओं का मानना है कि जिस तरह से बेहद सुनियोजित तरीके से पूरे परिवार को निशाना बनाया गया, उससे साफ है कि वारदात के पीछे कोई गंभीर कारण या पुराना विवाद हो सकता है।
अभिषेक के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल, वित्तीय लेन-देन और उसके संपर्क में रहने वाले लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या किसी व्यक्तिगत रंजिश ने इस हत्याकांड का रूप लिया।
सबसे बड़ा सवाल: कातिल का सुराग या गुमराह करने की कोशिश
पूरे मामले में सबसे रहस्यमय कड़ी वह गत्ता है जिस पर लिखा मिला, “बंटी, बबली और बहू ने मारा।”
क्या यह हत्यारों को गुमराह करने की कोशिश है? क्या मरने से पहले किसी ने यह संदेश लिखा? या फिर जांच को भटकाने के लिए जानबूझकर छोड़ा गया सुराग?
फिलहाल पुलिस इन तीनों नामों की पहचान करने में जुटी है। जांच एजेंसियों का मानना है कि इस पहेली का जवाब पूरे हत्याकांड की गुत्थी सुलझा सकता है।
कई सवाल, लेकिन जवाब अभी नहीं
चार लोगों की हत्या, करोड़ों की संपत्ति, जेल में बंद बेटा, जमानत पर बाहर उसकी कथित पत्नी, कर्ज का विवाद और घर में लिखा मिला वह मैसेज, फिलहाल पुलिस की जांच के यही चार प्रमुख एंगल हैं।
फिलहाल पुलिस की कई टीमें अलग-अलग बिंदुओं पर काम कर रही हैं। आने वाले दिनों में जांच के नतीजे इस सामूहिक हत्याकांड के पीछे छिपे असली चेहरे को सामने ला सकते हैं। अफसर बोले
एडिशनल सीपी लॉ एंड ऑर्डर डॉ. अजयपाल शर्मा का कहना है, घटना के पीछे के हर संभावित बिंदु पर जांच कराई जा रही है। अलग-अलग पांच टीमें गठित की गई हैं। छोटे बेटे अश्वनी की कथित पत्नी के बारे में भी पता लगाया जा रहा है।

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