जापानी मॉडल से बुजुर्गों को संभालेगा केरलम:इमारतें व्हीलचेयर अनुकूल बनेंगी, ‘स्किल बैंक’ से युवाओं को जोड़ेंगे


देश में सबसे तेजी से बुजुर्ग होती आबादी वाले राज्यों में शामिल केरलम ने अब इस चुनौती से निपटने के लिए जापान का मॉडल अपनाने की तैयारी कर ली है। नई राज्य सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए देश का पहला समर्पित विभाग और वरिष्ठ नागरिक आयोग बनाने की घोषणा की है। ‘भारत में बुजुर्ग’ रिपोर्ट 2021 के अनुसार केरलम में 2011 में 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की हिस्सेदारी 12.5% थी, जो अब 16.5% से 18.7% पहुंच चुकी है। 2031 तक बुजुर्गों की संख्या कुल आबादी की 20.9% तक पहुंचने के आसार हैं; जबकि भारत का यह 13.1% होगी। यही नहीं, 2051 तक राज्य की एक-तिहाई आबादी बुजुर्ग होने का अनुमान है। पहले से योजनाएं चल रही हैं, लेकिन ये प्रयास बिखरे हुए हैं। केरलम में महिलाएं ज्यादा जीती हैं। इसलिए, वृद्धाएं अकेली रह जाती हैं। ये है जापानी मॉडल समुदाय आधारित देखभाल व्यवस्था की सशक्त व्यवस्था। घर पर नर्सिंग और स्वास्थ्य सेवाओं की प्रचुर उपलब्धता। असिस्टेड लिविंग सुविधाएं। बुजुर्गों के अनुकूल ढांचा। राज्य में चुनौतियां? युवाओं के विदेश में बस जाने और अन्य राज्यों में पलायन से बुजुर्गों का अकेलापन बढ़ा। बुजुर्गों में अवसाद, डिमेंशिया और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं। बड़ी तैयारी: केरलम में नया इंफ्रा तैयार होगा घर पर देखभाल के लिए प्रशिक्षित केयरगिवर्स की व्यवस्था की जाएगी। स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय और स्थानीय निकायों में समन्वय बेहतर बनाया जाएगा, ताकि बुजुर्गों को भटकना न पड़े। लो-फ्लोर बसें चलाई जाएंगी। बुजुर्गों के लिए सुरक्षित पैदल मार्ग तैयार किए जाएंगे। इमारतें भी व्हीलचेयर अनुकूल बनाई जाएंगी। सेवानिवृत्त शिक्षकों, इंजीनियरों और पेशेवरों का ‘स्किल बैंक’ बनाकर उन्हें सामाजिक गतिविधियों से जोड़ा जाएगा।

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