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उत्तर प्रदेश शासन ने राज्य विश्वविद्यालयों में तैनात कई अधिकारियों के तबादले किए हैं। जारी आदेश के अनुसार चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू) मेरठ के कुलसचिव अनिल कुमार यादव को स्थानांतरित कर महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय, बरेली में परीक्षा नियंत्रक बनाया गया है। वहीं बरेली से परीक्षा नियंत्रक रहे संजीव कुमार सिंह को वहां से हटाकर गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय, मुरादाबाद भेजा गया है। अनिल कुमार यादव 2025 में ही सीसीएसयू में कुलसचिव के रूप में नियुक्त किए गए थे। उनके कार्यकाल में विश्वविद्यालय के प्रशासनिक और परीक्षा संबंधी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। अनिल कुमार यादव के कार्यकाल में सीसीएसयू का एक विवाद सबसे ज्यादा चर्चाओं में रहा था। विश्वविद्यालय के नेताजी सुभाष चंद्र बोस प्रेक्षागृह में आजाद समाज पार्टी का कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित हुआ था, जिसमें पार्टी प्रमुख और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद शामिल हुए थे। कार्यक्रम के दौरान हिस्ट्रीशीटर और कुख्यात अपराधी बदर अली समेत करीब 100 समर्थकों को पार्टी की सदस्यता दिलाई गई थी। बाद में सामने आया कि प्रेक्षागृह 60 हजार रुपये किराए पर बदर अली के नाम से बुक कराया गया था। इसे लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन पर सवाल उठे थे। शिक्षण संस्थानों में राजनीतिक कार्यक्रमों के आयोजन को लेकर भी बहस छिड़ गई थी। मामले ने तूल पकड़ने पर जांच बैठाई गई थी और यह विवाद लंबे समय तक चर्चा में रहा था। शासन की ओर से 30 मई को जारी आदेश में कुल छह अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। इनमें विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलसचिव और परीक्षा नियंत्रक शामिल हैं। मेरठ के लिए सबसे बड़ा बदलाव सीसीएसयू के कुलसचिव पद पर हुआ है। शासन के आदेश में सभी स्थानांतरित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नए तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। नए कुलसचिव की नियुक्ति को लेकर विश्वविद्यालय परिसर में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
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CCSU के कुलसचिव अनिल कुमार यादव का तबादला:2025 में हुई थी नियुक्ति ,परीक्षा नियंत्रक के पद पर बरेली भेजा गया