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रामपुर स्वास्थ्य विभाग में वर्ष 2016 की डार्क रूम सहायक भर्ती से जुड़े फर्जीवाड़े की जांच के बीच विरोधाभासी बयान सामने आए हैं। बिलासपुर सीएचसी में तैनात कर्मचारी सुधीर कुमार को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. दीपा सिंह और सीएचसी अधीक्षक डॉ. पदम सिंह के बयान अलग-अलग हैं। सीएमओ डॉ. दीपा सिंह के अनुसार, सुधीर कुमार ने बीमारी का हवाला देकर अवकाश लिया है। उन्होंने बताया कि वह इस संबंध में बिलासपुर सीएचसी अधीक्षक से जानकारी लेंगी और कर्मचारी की वर्तमान स्थिति पर रिपोर्ट मांगेंगी। डॉ. सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल शासन स्तर से कोई विशेष सूचना प्राप्त नहीं हुई है। इसके विपरीत, बिलासपुर सीएचसी अधीक्षक डॉ. पदम सिंह का कहना है कि डार्क रूम सहायक भर्ती प्रकरण चर्चा में आने के बाद से सुधीर कुमार ड्यूटी पर नहीं आ रहे हैं। उनसे संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका मोबाइल फोन लगातार बंद मिल रहा है। कर्मचारी के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी न मिलने पर डॉ. पदम सिंह ने उच्च अधिकारियों को सूचित कर दिया है और बीते अप्रैल 2026 का वेतन भी रोक दिया है। तैनाती के रिकॉर्ड जांच के दायरे में उल्लेखनीय है कि वर्ष 2016 में हुई डार्क रूम सहायक भर्ती की जांच में यह सामने आया है कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में एक ही नाम और मिलते-जुलते विवरण वाले अभ्यर्थियों की नियुक्तियां हुई थीं। रामपुर सहित कई जिलों में ‘सुधीर कुमार’ नाम के कर्मचारियों की तैनाती के रिकॉर्ड जांच के दायरे में हैं। स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, सुधीर कुमार मूल रूप से इटावा जिले के निवासी हैं। वह वर्ष 2016 से बिलासपुर सीएचसी में तैनात थे। हालांकि, पिछले 15 दिनों से वह ड्यूटी से अनुपस्थित हैं, जिसके बाद उनके वेतन रोकने और अधिकारियों को सूचित करने की कार्रवाई की गई है।
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रामपुर में भर्ती जांच के बीच कर्मचारी गायब:सीएमओ बोलीं- बीमार हैं, अधीक्षक ने वेतन रोककर बताया लापता; फोन बंद