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हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनावों के बीच ‘छुआछूत’ का मामला गरमा गया है। दलित प्रत्याशी के घर ‘डिनर’ करने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सामाजिक बहिष्कार और संविधान बनाम रूढ़िवाद की बहस में बदलता नजर आ रहा है। दरअसल, बीते दिनों ठियोग के टियाली जिला वार्ड से चुनाव लड़ रही एक दलित प्रत्याशी के घर दो माकपा नेताओं ने डिनर किया। इस दौरान किसी ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ा और कुछ लोगों ने इसे ‘देव समाज का अपमान’ बताते हुए विरोध शुरू कर दिया। दलित समाज से जुड़ा होने की वजह से इस मसले पर विरोधी पक्ष खुलकर तो नहीं बोल पाया। मगर देव समाज के कुछ लोगों को माकपा नेताओं के बहिष्कार के लिए भड़काया जरूर जा रहा है। यह बात खुद माकपा नेता रोबिन वर्मा और सोहन ठाकुर ने कही। ’21वीं सदी में भी ऐसी सोच शर्मनाक’: रोबिन माकपा नेता रोबिन वर्मा ने कहा कि आजादी के 75 साल बाद भी अगर दलित के घर भोजन करने पर विवाद हो रहा है तो यह समाज के लिए शर्म की बात है। उन्होंने कहा कि जो लोग दलित के घर खाना खाने की वीडियो सर्कुलेट कर रहे हैं, वहीं लोग दलित परिवारों के घर जाकर वोट मांग रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि देवनीति को राजनीति से अलग रखा जाए। समाज को बांटने वालों के खिलाफ लड़ाई को तैयार: सोहन पूर्व जिला परिषद सदस्य सोहन ठाकुर ने कहा कि वे समाज में टकराव नहीं चाहते। फिर भी यदि समाज को बांटने की कोशिश की गई तो समाज में वेमनस्य पैदा करने वालों के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी। समाज को बांटने की सोच रखने वालों को एक्सपोज किया जाएगा। सोहन ने कहा कि उनके सामाजिक बहिष्कार की चेतावनी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि माकपा ने ओपन सीट से दलित महिला को चुनाव में उतारा है, यह बात बर्दाश्त नहीं हो रही। इसलिए, यह निम्न स्तर की राजनीति हो रही है। सामाजिक संगठनों ने भी जताई चिंता हिमाचल ज्ञान विज्ञान समिति ने भी पूरे मामले पर चिंता जताई। समिति के राज्य सचिव सत्यवान पुंडीर, संस्थापक सदस्य गोविंद चतरांटा और समता संयोजिका सुमित्रा चंदेल ने कहा कि 21वीं सदी में इस तरह की मानसिकता संविधान और सामाजिक समानता दोनों का अपमान है। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव के बीच इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देकर जातीय ध्रुवीकरण की कोशिश की जा रही है। उन्होंने प्रशासन से सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाले मामलों में हस्तक्षेप की मांग की है। SDM ने शिकायत मिलने पर कार्रवाई के दिए संकेत SDM ठियोग शशांक गुप्ता ने कहा कि यदि सामाजिक बहिष्कार, छुआछूत या भेदभाव से जुड़ी कोई औपचारिक शिकायत प्रशासन को मिलती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल उनके पास ऐसी कोई शिकायत नहीं है।
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हिमाचल में दलित के घर डिनर पर विवाद:पंचायत चुनाव में गरमाया छुआछूत का मामला; बहिष्कार की चेतावनी, सिंघा बोले-मनुवादी सोच वालों से लड़ाई लड़ेंगे