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उन्नाव के सहजनी क्षेत्र में प्रस्तावित रिंग रोड निर्माण परियोजना के तहत शनिवार को प्रशासन ने निर्माण कार्य में बाधा बन रहे मकानों को हटाने की कार्रवाई की। इस दौरान कई मकानों को तोड़ने का काम शुरू होते ही स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। संभावित विवाद को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में कार्रवाई जारी रही। कार्रवाई के दौरान प्रभावित परिवारों ने आरोप लगाया कि उन्हें मकान खाली करने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया। साथ ही, मुआवजे की राशि भी उनके खातों में अब तक नहीं पहुंची है। लोगों का कहना है कि बिना भुगतान किए मकान तोड़ना उनके साथ अन्याय है। मौके पर मौजूद एक महिला ने बताया कि प्रशासनिक अधिकारी बुधवार को आए थे और तीन दिन के भीतर मकान खाली करने का निर्देश देकर चले गए थे। महिला के अनुसार, अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि मकान खाली करने के बाद मुआवजे की धनराशि उनके बैंक खाते में पहुंच जाएगी, लेकिन अभी तक कोई भुगतान नहीं हुआ है। महिला ने अधिकारियों से पहले भुगतान करने और उसके बाद मकान खाली करने की बात कही थी। उनका तर्क था कि तीन दिन में कोई नया घर ढूंढना मुश्किल है और बिना पैसे के परिवार को लेकर कहीं और रहने की व्यवस्था करना संभव नहीं है। प्रभावित लोगों का कहना है कि वे पिछले कई वर्षों से यहां रह रहे हैं और अचानक मिली नोटिस के कारण उनके सामने आवास का संकट खड़ा हो गया है। एक अन्य महिला ने भी बताया कि उनके खाते में भी अभी तक कोई मुआवजा नहीं आया है। स्थानीय लोगों का दावा है कि क्षेत्र में कई ऐसे परिवार हैं जिन्हें अब तक भुगतान नहीं मिला है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पहले सभी पात्र लोगों के खातों में मुआवजा राशि भेजी जाए। उन्होंने वैकल्पिक व्यवस्था करने के लिए पर्याप्त समय देने की भी अपील की, क्योंकि परिवारों में छोटे बच्चे और बुजुर्ग हैं, जिनके लिए खुले आसमान के नीचे रहना संभव नहीं है।
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रिंग रोड निर्माण के लिए घरों पर चला बुलडोजर:मुआवजा न मिलने का आरोप लगाकर ग्रामीणों ने किया विरोध