बरेली के ब्रह्मदेव मंदिर में अवैध कब्जे का आरोप:श्रद्धालुओं ने धार्मिक गतिविधियों में बाधा और प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की


बरेली के थाना प्रेमनगर क्षेत्र स्थित बाँके की छावनी के प्राचीन सिद्ध ब्रह्मदेव मंदिर को लेकर विवाद गहरा गया है। श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। उनका आरोप है कि मंदिर परिसर में अवैध कब्जे की कोशिश की जा रही है और धार्मिक गतिविधियों को भी बाधित किया जा रहा है। क्षेत्रवासियों ने सिटी मजिस्ट्रेट को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें बताया गया है कि यह मंदिर वर्षों से आस्था का केंद्र रहा है। यहां नियमित रूप से पूजा-अर्चना और धार्मिक आयोजन होते रहे हैं। उनका कहना है कि मंदिर की व्यवस्था में बदलाव के बाद से स्थिति लगातार तनावपूर्ण बनी हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पूर्व पुजारी की वृद्धावस्था के बाद मंदिर की देखरेख के लिए राजीव नामक एक पुजारी को नियुक्त किया गया था। शुरुआत में उन्होंने धार्मिक परंपराओं के अनुसार कार्य करने का आश्वासन दिया, लेकिन बाद में वे मंदिर परिसर में स्थायी रूप से रहने लगे। आरोप है कि धीरे-धीरे मंदिर परिसर का निजी उपयोग होने लगा और श्रद्धालुओं के आने-जाने पर भी आपत्ति की जाने लगी। प्रतिमाओं को नुकसान पहुंचाने की कोशिश क्षेत्रवासियों ने यह भी दावा किया है कि मंदिर परिसर में मौजूद पुराने धार्मिक वृक्षों को कटवाया गया और निर्माण संबंधी गतिविधियां शुरू की गईं, जिससे लोगों में काफी नाराजगी है। इसके अतिरिक्त, मंदिर परिसर में स्थापित प्रतिमाओं को नुकसान पहुंचाने की कोशिश का भी आरोप है, जिससे लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। ज्ञापन में 19 मई की एक घटना का भी जिक्र है। श्रद्धालुओं का आरोप है कि सुंदरकांड पाठ के लिए पहुंचे लोगों के साथ अभद्रता की गई और विवाद इतना बढ़ गया कि कथित तौर पर मारपीट भी हुई। इस घटना में कुछ लोगों के घायल होने की बात कही गई है। घटना के बाद से इलाके में तनाव और भय का माहौल बना हुआ है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मंदिर की भूमि और उसकी व्यवस्थाओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने अवैध कब्जे के आरोपों की पड़ताल करने और इस मामले में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की अपील की है।

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