कर्नाटक CM सिद्धारमैया का इस्तीफा मंजूर:कांग्रेस हाईकमान से मिलने दिल्ली पहुंचे; शिवकुमार अगले हफ्ते शपथ ले सकते हैं


कर्नाटक राज्यपाल थावर चंद गहलोत ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का पद से इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। अब राज्य की कमान डिप्टी सीएम और प्रदेश अध्यक्ष डीके शिवकुमार के हाथों में होगी। कांग्रेस हाई कमान के निर्देश पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने गुरुवार को पद से इस्तीफा दे दिया था। लेकिन राज्यपाल के शहर में न होने के कारण यह मंजूर नहीं हो सका था। शुक्रवार को बेंगलुरु पहुंचे राज्यपाल ने इस्तीफा मंजूर कर लिया। पार्टी सूत्रों की मानें तो डीके अगले हफ्ते नए कैबिनेट मंत्रियो के साथ शपथ ले सकते हैं। तब तक सिद्धारमैया ही कार्यवाहक CM रहेंगे। इस्तीफे के ऐलान से पहले की 2 तस्वीरें… खरगे का बेटा भी रेस में, सिद्धारमैया खेमे का ही होगा नया डिप्टी सीएम पार्टी सूत्रों की मानें तो CM के साथ-साथ कैबिनेट भी बदलेगी। करीब 10 मंत्री हटाए जा सकते हैं। नए मंत्री डिप्टी सीएम सिद्धारमैया की पसंद के होंगे। इनके नामों पर मुहर लगवाने के लिए सिद्धारमैया दिल्ली पहुंच गए हैं। उनके साथ-साथ डीके शिवकुमार भी दिल्ली पहुंचे हैं। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे और कैबिनेट मंत्री प्रियंक खरगे को नया डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है। राज्यसभा नहीं जाएंगे पूर्व CM सिद्धारमैया मुख्यमंत्री सिद्धारमैया 28 मई को दोपहर 3 बजे अपने कैबिनेट सहयोगियों और डीके शिवकुमार के साथ बेंगलुरु में ‘लोक भवन’ पहुंचे। हालांकि राज्यपाल थावरचंद गहलोत निजी कारणों से नागदा (मप्र) गए हुए थे, इसलिए सिद्धारमैया ने त्यागपत्र राज्यपाल के स्पेशल सेक्रेटरी प्रभु शंकर को सौंपा। इसके बाद सिद्धारमैया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पार्टी हाईकमान मुझे राज्यसभा जाने के लिए कह रहा है, लेकिन मैंने मना कर दिया है। मैं विधायक के रूप में बना रहूंगा। 3 साल की खींचतान 3 दिन में खत्म हुई, सिद्धारमैया ने इस्तीफा दिया 26 मई को आलाकमान ने सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार को दिल्ली तलब किया। राहुल-खड़गे के साथ एक दिन में तीन बैठकें हुईं। 26 मई: सीएम सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार को कांग्रेस आलाकमान ने दिल्ली तलब किया। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और महासचिव केसी वेणुगोपाल के साथ लंबी चर्चा हुई। सीएम शाम को बेंगलुरु रवाना हो गए। दैनिक भास्कर के सूत्रों के अनुसार, सिद्धारमैया ने पद से हटने के लिए मना कर दिया। धमकी दी कि वे अपने समर्थक विधायकों के साथ अलग हो जाएंगे। कहा गया कि उन्हें राज्यसभा जाने और पार्टी में बड़ी भूमिका देने का दावा किया गया। सिद्धारमैया ने राज्यसभा जाने से मना कर दिया। 27 मई: सीएम सिद्धारमैया ने कहा कि वे 28 मई को ऐलान करेंगे। इससे पहले वह अपनी कैबिनेट के साथ ब्रेकफास्ट मीटिंग करेंगे। 28 मई: सिद्धारमैया ने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया। इससे पहले अपने सभी मंत्रियों से मिले। आलाकमान ने क्यों फैसला लिया सिद्धारमैया सरकार वाल्मीकि डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन घोटाला जैसे मामलों में घिर चुकी है। पार्टी हाईकमान का मानना है कि समय रहते नेतृत्व बदलने से मंत्रियों के खिलाफ पैदा हो रही ‘एंटी-इंकम्बेंसी’ को खत्म किया जा सकता है।

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