पत्नी की हत्या में पति को आजीवन कारावास:दहेज के लिए जला दिया था, कोर्ट ने 20 हजार रुपए का जुर्माना लगाया


इटावा के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम रूपेंद्र सिंह टोंगर ने पांच साल पुराने दहेज हत्या के एक मामले में पति को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर बीस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि जुर्माना अदा न करने पर दोषी को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इसी मामले में आरोपी सास और ससुर को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया। यह मामला भिंड जिले के ऊमरी थाना क्षेत्र के गांव नहटौली निवासी शैलेंद्र द्वारा चकरनगर थाने में दर्ज कराई गई रिपोर्ट से संबंधित है। शैलेंद्र ने आरोप लगाया था कि उसकी बहन प्रियंका की शादी वर्ष 2018 में चकरनगर क्षेत्र के गांव ददरा निवासी जितेंद्र पुत्र रूप नारायण के साथ हुई थी। शादी के बाद से प्रियंका के ससुराल वाले उससे अतिरिक्त दहेज के रूप में पल्सर बाइक और सोने की जंजीर की मांग कर रहे थे। मांग पूरी न होने पर ससुरालियों ने प्रियंका का उत्पीड़न शुरू कर दिया था। बाद में, 28 जून 2021 को ससुरालियों ने प्रियंका को आग लगा दी, जिससे वह गंभीर रूप से जल गई। उसे उपचार के लिए पीजीआई सैंफई में भर्ती कराया गया, जहां मृत्यु से पहले उसके बयान दर्ज किए गए। इलाज के दौरान प्रियंका की मौत हो गई। तहरीर के आधार पर पुलिस ने पति जितेंद्र, ससुर रूप नारायण और सास मालती देवी के खिलाफ दहेज उत्पीड़न और दहेज हत्या की धाराओं में मामला दर्ज किया। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा और छानबीन के बाद तीनों के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में पेश किए। मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में हुई, जिसमें सरकार की ओर से अजीत प्रताप सिंह तोमर ने पैरवी की। उनके द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने जितेंद्र को हत्या का दोषी पाया।

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