कनाडा में वसूली रैकेट बेनकाब, 17 भारतीय अरेस्ट:फायरिंग-फिरोती की 24 वारदात में हाथ, पंजाब से जुड़े तार; होंगे डिपोर्ट


कनाडा में भारतीय मूल के युवाओं द्वारा चलाए जा रहे एक बेहद हिंसक और खतरनाक अंतरराष्ट्रीय वसूली रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। पील रीजनल पुलिस ने ओंटारियो पुलिस, कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी और अमेरिकी खुफिया एजेंसी के साथ मिलकर एक बड़े संयुक्त ऑपरेशन में ‘फॉर ब्रदर्स’ नाम के गैंग के 17 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी भारतीय नागरिक हैं। गिरोह ने कनाडा और अमेरिका के कई शहरों में कारोबारियों को निशाना बनाकर जबरन वसूली, आगजनी और अंधाधुंध गोलीबारी जैसी 24 से अधिक वारदातों को अंजाम दिया था। आरोपियों पर कुल 106 गंभीर आपराधिक आरोप लगाए गए हैं। चूंकि ये सभी गैर-कनाडाई नागरिक हैं, इसलिए अब इन्हें तुरंत भारत डिपोर्ट (देश से बाहर) किए जाने का सामना करना पड़ रहा है। रिहायशी इलाकों में आतंक और 324 गोलियां चलाईं इस गिरोह का आतंक इस कदर था कि इन्होंने कनाडा के ब्राम्पटन, मिसिसॉगा, ब्रिटिश कोलंबिया और अमेरिका के कैलिफोर्निया में स्थानीय व्यापारियों, रेस्टोरेंट मालिकों और ट्रक कंपनियों को बेरहमी से निशाना बनाया। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह रैकेट कम से कम 24 अलग-अलग हिंसक घटनाओं में सीधे तौर पर शामिल था। दहशत फैलाने के लिए इस गैंग ने रिहायशी इलाकों में चलती गाड़ियों से ताबड़तोड़ फायरिंग की और आगजनी की वारदातों को अंजाम दिया। इन घटनाओं में कुल मिलाकर चौंकाने वाली 324 गोलियां चलाई गईं, जिससे स्थानीय लोगों में भारी खौफ था। भारत से जुड़े हैं तार, एक आरोपी वहां भी वांटेड पुलिस जांच के अनुसार यह 17 आरोपी अलग-अलग वीजा स्टेटस (जैसे स्टूडेंट या वर्क परमिट) पर कनाडा और अमेरिका में रह रहे थे। पुलिस ने खुलासा किया है कि इस गैंग के तार सीधे भारत में बैठे सरगनाओं से जुड़े हुए हैं। आरोपियों में से एक अपराधी ऐसा भी है, जो भारत में पहले से ही हत्या के प्रयास के एक मामले में वांछित चल रहा है। कहां-कहां से हुई गिरफ्तारियां? इस गिरोह के सदस्य कनाडा और अमेरिका के अलग-अलग हिस्सों में फैलकर नेटवर्क चला रहे थे। सबसे ज्यादा 14 आरोपियों को ओंटारियो से गिरफ्तार किया गया है। वहीं, ब्रिटिश कोलंबिया से दो और कैलिफोर्निया से FBI की मदद से एक आरोपी को दबोचा गया है।
ये लोग मुख्य रूप से कनाडा में रहने वाले साउथ एशियन (विशेषकर पंजाबी) मूल के संपन्न कारोबारियों को अपना शिकार बनाते थे ताकि वे बदनामी और डर के मारे पुलिस के पास न जाएं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की उम्र 21 से 30 वर्ष के बीच है, गिरफ्तार आरोपियों की सूची इकबाल सिंह भगड़िया (25 वर्ष) रविंदर सिंह (25 वर्ष) दिलवरप्रीत सिंह (26 वर्ष) प्रभदीप सोहल (22 वर्ष) अजयदीप सिंह (29 वर्ष) राजन सिंह (28 वर्ष) आकाशदीप सिंह (24 वर्ष) जशनबीर सिंह (21 वर्ष) प्रतापबीर घुमन (22 वर्ष) नवरूप सिंह (24 वर्ष) मोहिंदर सिंह (30 वर्ष) मनदीप सिंह (21 वर्ष) अमृतजोत सिंह (22 वर्ष) जशनप्रीत सिंह (22 वर्ष) सख्त कार्रवाई की तैयारी में कनाडा सरकार इस बड़ी कामयाबी के बाद कनाडाई कानून प्रवर्तन एजेंसियां इन आरोपियों पर सख्त रुख अपना रही हैं। पुलिस और सीबीएसए मिलकर इन सभी के वीजा स्टेटस को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर चुके हैं। अदालती कार्रवाई पूरी होते ही सभी को डिपोर्ट कर भारत वापस भेज दिया जाएगा।

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