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महराजगंज में पेट्रोल और डीजल की कमी के मद्देनजर जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने पेट्रोल पंपों पर अव्यवस्था, जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए नए निर्देश जारी किए हैं। बढ़ती भीड़ और लंबी कतारों को देखते हुए डिब्बों में ईंधन बिक्री के लिए विशेष नियम लागू किए गए हैं। जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुसार, अब कोई भी उपभोक्ता डिब्बे में एक बार में अधिकतम 10 लीटर डीजल ही खरीद पाएगा। डिब्बे में पेट्रोल की बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय आवश्यक सेवाओं और किसानों तक ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है। डिब्बे में डीजल खरीदने वाले उपभोक्ताओं को अपने तहसील क्षेत्र के पेट्रोल पंप से ही खरीदारी करनी होगी। अनावश्यक भंडारण और बार-बार खरीद पर नजर रखने के लिए खरीदारी के समय आधार कार्ड दिखाना अनिवार्य किया गया है।
जिलाधिकारी ने सभी पेट्रोल पंप संचालकों को बार-बार तेल खरीदने वालों की पहचान के लिए फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराने का निर्देश दिया है। एसडीएम और डिप्टी कलेक्टरों के नेतृत्व में विशेष जांच टीमें भी गठित की गई हैं। ये टीमें पेट्रोल पंपों और संदिग्ध भंडारण स्थलों की लगातार निगरानी करेंगी। अवैध भंडारण करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। जिला पूर्ति अधिकारी एपी सिंह के अनुसार, जनपद में वर्तमान में लगभग 1100 किलोलीटर डीजल और 900 किलोलीटर पेट्रोल उपलब्ध है। प्रशासन ने जल्द ही आपूर्ति व्यवस्था सामान्य करने का आश्वासन दिया है। किसानों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए, जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग को नहरों में समय पर पानी छोड़ने का निर्देश दिया है। इसका उद्देश्य डीजल संकट के दौरान किसानों को सिंचाई संबंधी कठिनाइयों से बचाना है।
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महराजगंज में डिब्बे में 10 लीटर डीजल की सीमा तय:प्रशासन ने पेट्रोल-डीजल संकट पर सख्ती की, डिब्बे में पेट्रोल बिक्री पर रोक