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बाराबंकी में भीषण गर्मी के बीच अघोषित बिजली कटौती से ग्रामीण परेशान हैं। मुख्यालय से लगभग 9 किलोमीटर दूर हरख ब्लॉक के हरख गांव सहित कई अन्य गांवों में बिजली संकट गहरा गया है। लगातार बाधित विद्युत आपूर्ति और घंटों अंधेरे के कारण ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले लगभग 10 दिनों से बिजली आपूर्ति पूरी तरह से चरमरा गई है। भीषण गर्मी में लोग रातभर जागने को मजबूर हैं, जबकि छोटे बच्चे मोमबत्ती और टॉर्च की रोशनी में पढ़ाई कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, दिन और रात दोनों समय बिजली की आवाजाही बनी रहती है, जिससे पीने के पानी और घरेलू कामकाज भी प्रभावित हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने शिकायत की है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद विभागीय अधिकारी फोन नहीं उठाते। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार एसडीओ और जेई को फोन किया, लेकिन न तो समस्या का समाधान हुआ और न ही कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचा। इससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। गौरतलब है कि इन दिनों पूरा प्रदेश भीषण गर्मी की चपेट में है। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है और तापमान 44 से 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की चेतावनी दी है। विद्युत विभाग के अनुसार, लगातार ओवरलोड सप्लाई के कारण ट्रांसफार्मर भी ओवरहीट हो रहे हैं। कई जगहों पर विभाग के कर्मचारी ट्रांसफार्मर पर कूलर लगाकर और पानी डालकर आपूर्ति बहाल रखने का प्रयास कर रहे हैं। गुस्साए ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो वे पावर हाउस का घेराव करने को मजबूर होंगे। गांवों में बिजली संकट को लेकर लोगों में भारी आक्रोश बना हुआ है।
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बाराबंकी में बिजली संकट:रातभर बिजली नहीं, बच्चे मोमबत्ती जलाकर पढ़ने को मजबूर; आंदोलन की चेतावनी