![]()
बदायूं के अलापुर थाना क्षेत्र स्थित एक वाटरपार्क में मासूम बच्चे की डूबने से हुई मौत ने जिले में संचालित अवैध वाटरपार्कों की हकीकत सामने ला दी है। इस घटना के बाद प्रशासनिक लापरवाही, सुरक्षा मानकों की अनदेखी और बिना अनुमति चल रहे वाटरपार्कों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शहर और आसपास के इलाकों में करीब पांच से छह वाटरपार्क लंबे समय से संचालित हो रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से किसी के पास भी नगर पालिका से वैध अनुमति नहीं है। नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी विनय कुमार मणि त्रिपाठी ने पुष्टि की है कि किसी भी वाटरपार्क संचालक ने अनुमति के लिए आवेदन तक नहीं किया है। इसके बावजूद, ये वाटरपार्क खुलेआम टिकट बेचकर लोगों की जान जोखिम में डाल रहे हैं। जिस वाटरपार्क में मासूम बच्चे की जान गई, वहां सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगे हैं। बताया जा रहा है कि वहां न तो प्रशिक्षित लाइफगार्ड की पर्याप्त व्यवस्था थी और न ही आपात स्थिति से निपटने के कोई इंतजाम। हादसे के दूसरे दिन भी वाटरपार्क संचालक जियाउद्दीन फरार है। पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश देने का दावा कर रही है, लेकिन अब तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि प्रशासनिक निगरानी के अभाव में बिना मानकों के वाटरपार्क संचालित हो रहे हैं और संबंधित विभाग आंखें मूंदे बैठे रहे। यह सवाल भी उठ रहा है कि जब नगर पालिका से अनुमति ही नहीं ली गई तो आखिर इन वाटरपार्कों का संचालन किसकी शह पर होता रहा। मासूम की मौत के बाद अब जिला प्रशासन पर जिलेभर में चल रहे अवैध वाटरपार्कों की जांच और कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है। पुलिस ने भी आज से इन अवैध वाटरपार्कों के खिलाफ सात दिवसीय अभियान शुरू करने की घोषणा की है। लोगों की मांग है कि सुरक्षा मानकों की जांच कर बिना अनुमति संचालित वाटरपार्कों को तत्काल बंद कराया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी दोबारा न हो।
Source link
बदायूं में बच्चे की मौत, वाटर पार्कों की पोल खुली:संचालक फरार, बिना अनुमति चल रहे 5-6 वाटरपार्क, ईओ बोले- किसी ने अनुमति नहीं ली