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शाहजहांपुर में खेत के पास लगे तार की चपेट में आने से 19 वर्षीय सूरजपाल की मौत हो गई। यह घटना तिलहर थाना क्षेत्र के बराह मोहब्बतपुर में हुई। सूरजपाल अपनी पत्नी को मायके छोड़ने के लिए वाहन में बैठाने के बाद वापस घर लौट रहा था। हादसा शुक्रवार शाम करीब पांच बजे बिठ्ठलपुर प्रहलादपुर गांव के पास हुआ। सड़क पार कर लगाए गए तार सूरजपाल की गर्दन में उलझ गए, जिससे वह बाइक से गिर गया। उसकी बाइक घिसटती हुई खेत में जा गिरी। कुछ देर तड़पने के बाद उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने पर मायके पहुंची पत्नी उषा भी वापस लौट आई। परिजन मौके पर पहुंचे और शव को घर ले आए। पिता राजपाल ने बताया कि उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों के अनुसार, सूरजपाल की पत्नी ने 7 अप्रैल को एक बेटी को जन्म दिया था। 5 मई को नामकरण की दावत हुई थी, जिसमें बेटी का नाम जमुना रखा गया था। हालांकि, 10 मई को बीमारी के कारण बेटी की भी मौत हो गई थी। इस सदमे से पत्नी अभी उबर भी नहीं पाई थी कि अब पति की मौत हो गई। सड़कों पर लगाए जाने वाले तारों पर रोक लगे पिता ने कहा कि मेरा सबकुछ उजड़ गया। सूरज जब छोटा था तब उसकी मां सुखरानी की मौत हो गई थी। दादी रामलली ने ही सूरजपाल को पाला था।दादी ने ही परवरिश की थी। पिता ने कहा कि मेरा इकलौता बेटा था। अब मेरा कोई नहीं बचा। हादसे की जानकारी मिलते ही पूर्व विधायक रोशन लाल वर्मा ने गांव पहुंचकर परिवार से मुलाकात कर उनको ढांढस बंधाया। परिजनों ने मांग की है कि सड़कों पर लगाए जाने वाले तारों पर रोक लगाई जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके। इस हादसे के बाद पूर्व विधायक रोशन लाल वर्मा ने परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। अखिल भारतीय कश्यप महासभा के जिला जगदीश चंद्र कश्यप पदाधिकारियों के साथ पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। उन्होंने कहा कि एक खेत पर तार लगाने के बाद उसी तार को बल्लियों के सहारे रोड पार कर दूसरे खेत में लगाया जाता है। तार काफी नीचे हो जाते, जिससे हादसे होते हैं। उन्होंने मांग की है कि रोड पर तार न लगाए जाएं। सूरज पाल इस दुनिया मे नही है। कोशिश है कि अब दूसरे का चिराग न बुझे। इसके लिए कशयप महासभा आवाज उठाएगा ।
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गर्दन में तार फंसने से बाइक सवार की मौत:पत्नी को छोड़कर घर लौट रहा था युवक, दस दिन पहले बेटी की भी हुई थी मौत