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सरकार ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए अपनी 8% हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया। इस OFS के लिए सरकार ने फ्लोर प्राइस ₹31 प्रति शेयर तय किया है, जो बैंक के गुरुवार के क्लोजिंग प्राइस ₹33.94 से 8.5% से ज्यादा के डिस्काउंट पर है। इस फैसले के बाद आज यानी शुक्रवार 22 मई को बाजार में सेंट्रल बैंक के शेयर में 5% से ज्यादा की गिरावट है। ये 32 रुपए के करीब ट्रेड कर रहा है। एक महीने में ये 13% से ज्यादा टूटा है। नॉन-रिटेल और रिटेल निवेशकों के लिए अलग-अलग दिन खुलेगा OFS डिपार्टमेंट ऑफ इन्वेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (DIPAM) की ओर से जारी नोटिस के मुताबिक, यह OFS नॉन-रिटेल निवेशकों के लिए 22 मई 2026 को खुलेगा। वहीं, रिटेल निवेशक और बैंक के कर्मचारी इस इश्यू के लिए 25 मई 2026 को अपनी बोली लगा सकेंगे। दोनों ही दिन ट्रेडिंग के दौरान सुबह 9:15 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक बोली लगाई जा सकती है। सरकार के पास सेंट्रल बैंक की 89.27% हिस्सेदारी वर्तमान में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में सरकार की हिस्सेदारी 89.27% है। सरकार की यह हिस्सेदारी बिक्री सरकार की विनिवेश और पब्लिक शेयरहोल्डिंग नियमों के अनुपालन की रणनीति का हिस्सा है। ऑफर डॉक्यूमेंट के अनुसार, नॉन-रिटेल निवेशकों के लिए रिजर्व रखे गए शेयरों में से कम से कम 25% हिस्सा म्यूचुअल फंड और इंश्योरेंस कंपनियों को अलॉट किया जाएगा। हालांकि, इसके लिए जरूरी है कि उनकी बोलियां फ्लोर प्राइस या उससे ऊपर की कीमत पर मिलें। नॉन-रिटेल निवेशक अपने अलॉट न हुए बिड्स को अगले दिन (T+1 day) के लिए भी कैरी फॉरवर्ड कर सकते हैं। रिटेल निवेशकों के लिए 10% कोटा रिजर्व इस ऑफर फॉर सेल में से कम से कम 10% शेयर रिटेल निवेशकों के लिए रिजर्व रखे गए हैं। रिटेल निवेशक इस मैकेनिज्म के तहत कट-ऑफ प्राइस पर भी बोली लगाने के पात्र होंगे। इसके अलावा, बैंक के पात्र कर्मचारियों के लिए 75,00,000 शेयर अलग से तय किए गए हैं। पात्र कर्मचारी ₹5 लाख तक के मूल्य के शेयरों के लिए अप्लाई कर सकते हैं। इसके साथ ही वे तय नियमों और सीमाओं के तहत रिटेल कैटेगरी में भी अलग से बोली लगा सकते हैं। कर्मचारियों की पात्रता का फैसला बैंक द्वारा स्टॉक एक्सचेंजों के साथ शेयर किए गए पैन कार्ड डिटेल्स के आधार पर होगा। सामान्य मार्केट सेगमेंट में चलती रहेगी ट्रेडिंग सरकार ने साफ किया है कि इस हिस्सेदारी बिक्री की प्रक्रिया के दौरान भी बैंक के शेयर सामान्य मार्केट सेगमेंट की तरह ही शेयर बाजार में ट्रेड करते रहेंगे। हालांकि, पर्याप्त मांग न होने या बाजार से जुड़े अन्य कारणों जैसी कुछ विशेष परिस्थितियों में इस ऑफर को वापस या कैंसिल भी किया जा सकता है। इस पूरे ट्रांजैक्शन के लिए सेलर (सरकार) के ब्रोकर के रूप में गोल्डमैन सैक्स (इंडिया) सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड को नियुक्त किया गया है. यह पूरा OFS सेबी (SEBI) के नियमों और स्टॉक एक्सचेंज के गाइडलाइंस के तहत आयोजित किया जा रहा है। क्या होता है ऑफर फॉर सेल (OFS) और ग्रीन शू ऑप्शन? जब किसी लिस्टेड कंपनी के प्रमोटर्स या सरकार बाजार के जरिए सीधे निवेशकों को अपनी हिस्सेदारी बेचते हैं तो उसे OFS कहते हैं। वहीं ग्रीन शू ऑप्शन एक ऐसा ऑप्शन है, जिसके तहत अगर बाजार में मांग ज्यादा हो, तो प्रमोटर तय हिस्सेदारी से ज्यादा शेयर (इस मामले में अतिरिक्त 4%) बेचने का अधिकार सुरक्षित रखते हैं। ये खबर भी पढ़ें… SBI-बैंक कल से 6-दिन बंद, आज निपटा लें जरूरी काम: 23 से 28 मई तक नहीं होगा कामकाज; वजह- वीकेंड, हड़ताल और बकरीद की छुट्टी देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक SBI के ग्राहकों को ब्रांच से जुड़े अपने सभी जरूरी काम आज (22 मई, शुक्रवार) ही निपटा लेना चाहिए। ऐसा इसलिए, क्योंकि 23 मई से 28 मई 2026 के बीच SBI की ब्रांच लगातार 6 दिनों तक बंद रह सकती हैं। इसकी मुख्य वजह वीकेंड, कर्मचारियों की प्रस्तावित दो दिन की हड़ताल और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) से बकरीद (ईद-उल-अजहा) के लिए घोषित दो दिन की छुट्टियां हैं। पूरी खबर पढ़ें…
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सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में 8% हिस्सेदारी बेचेगी सरकार:ऑफर फॉर सेल के जरिए ₹2,455 करोड़ जुटाएगी; फ्लोर प्राइस ₹31 प्रति शेयर तय किया