जल जीवन मिशन: फर्जी प्रमाण पत्रों पर डीएम नाराज:सोनभद्र में कागजों में जलापूर्ति दिखाने वालों पर होगी कार्रवाई


सोनभद्र डीएम चर्चित गौड़ ने जनपद में जल जीवन मिशन के तहत निर्माणाधीन पाइप पेयजल योजनाओं की समीक्षा की। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों से मिल रही जलापूर्ति संबंधी शिकायतों और फर्जी रिपोर्टिंग पर चिंता व्यक्त की। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं में लापरवाही या कागजी प्रगति स्वीकार्य नहीं होगी। डीएम ने मीडिया रिपोर्टों का संज्ञान लेते हुए 14 ग्रामों – नेमना, झीलो, सीरसोती, करमघट्टी, पिपरहार, डुमरहर, जिगन्हवा, लीलाडेवा, अरझट, जरहा, रजमिलान, महुली, बीजपुर और डोडहर – में ग्राम प्रधानों द्वारा दिए गए ‘हर घर जल’ पूर्णता प्रमाण पत्रों की विस्तृत और निष्पक्ष जांच के आदेश दिए।
उन्होंने अधिशासी अभियंता, उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) को तत्काल जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। फर्जी प्रमाण पत्र, बिना जलापूर्ति के पूर्णता दर्शाने या योजनाओं में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित प्रधानों, कार्यदायी संस्थाओं और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि जिन गांवों में वास्तविक रूप से पानी नहीं पहुंचा है, वहां कागजों में योजना को पूर्ण दिखाना जनता के साथ धोखाधड़ी है। ऐसे मामलों में जवाबदेही तय कर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जोर दिया कि शासन की मंशा के विपरीत कार्य करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। बैठक में योजनाओं के पंप हाउसों पर विद्युत आपूर्ति संबंधी समस्याओं, जैसे लो-वोल्टेज, बार-बार बिजली बाधित होना और अनियमित आपूर्ति पर भी जिलाधिकारी ने असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने अधिशासी अभियंता, उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) को निर्देश दिया कि वे प्रत्येक प्रभावित पंप हाउस का साप्ताहिक, साक्ष्य सहित विवरण प्रस्तुत करें, ताकि विद्युत विभाग और उच्चाधिकारियों के स्तर पर त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके। इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी को जल जीवन मिशन के तहत वर्तमान में नियमित जलापूर्ति दर्शाए जा रहे 464 ग्रामों की स्थलीय जांच कर वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि केवल पोर्टल पर प्रगति दिखाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक घर तक नियमित और सुचारु पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करना अनिवार्य है। इस दौरान बैठक में जिला पंचायत राज अधिकारी नमिता शरणजो, अधिशासी अभियन्ता जल निगम (ग्रामीण) अनील कुमार, डीपीएम टीपीआई राणा प्रताप सिंह, पी0एम0सी0 हेड हिमांशु ज्ञनउंत सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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