लखनऊ7 मिनट पहले
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लखनऊ में बिरसा आंबेडकर फुले छात्र संगठन (BAPSA) के बैनर तले विरोध प्रदर्शन। हजरत गंज स्थित परिवर्तन चौक पर छात्रों ने दोबारा आंदोलन शुरू कर दिया है। छात्र विश्वविद्यालय अनुदान आयोग गाइडलाइंस 2026 लागू करने और उसमें आवश्यक संशोधन की मांग कर रहे है। संगठन का कहना है कि जब तक UGC लागू नहीं होता धरना समाप्त नहीं होगा।
UGC गाइडलाइंस लागू करने की मांग
प्रदर्शन कर रहे मानव रावत ने कहा की ये लड़ाई लंबी। ये सिर्फ हमारी अधिकारों की नहीं भविष्य को बचाने की लड़ाई है। देश के अलग-अलग विश्वविद्यालय में शिक्षा हासिल कर रहे दलित पिछड़े छात्रों को उनका अधिकार दिलाने के लिए हम लोग संघर्ष कर रहे हैं। जब तक सफलता नहीं मिलेगी तब तक हम लोग पीछे हटने वाले नहीं। मांग है कि UGC गाइडलाइंस 2026 को तुरंत लागू किया जाए और “Not Found Suitable (NFS)” का सहारा लेकर की जा रही नियुक्तियों की पहले जांच हो। उनका कहना है कि NFS लगाने वाली समितियों की भूमिका की भी समीक्षा जरूरी है।
‘दलित छात्रों के साथ होता है भेदभाव’
लखनऊ विधानसभा के आकाश ने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों में OBC, SC और ST वर्गों के साथ भेदभाव की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। छात्रों को उनके जाति के आधार पर कई तरीके की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। स्वर्ण जाति के शिक्षक सरनेम देखकर दलित छात्रों के इंटरनल में नंबर काट लेते हैं। अगर स्वर्ण छात्रों के बीच दूसरे छात्रों का विवाद होता है तो शिक्षक स्वर्ण छात्र का साथ देते हैं। ऐसे तमाम भेदभाव को खत्म करने के लिए यूजीसी बेहद जरूरी है। रोहित वेमुला सबसे बड़ा उदाहरण है कि किस तरीके से दलित छात्रा उत्पीड़न का शिकार होते हैं और उन्हें अपनी जान गवानी पड़ती है।
