![]()
वाराणसी पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने शनिवार की रात क्राइम मीटिंग के बाद लापरवाहों पर कार्रवाई का हंटर चलाया। अकर्मणयता और निष्क्रीयता के आरोपों से घिरी एसओजी-2 को भंग कर दिया। एसओजी-2 में तैनात दरोगा समेत सभी पुलिसकर्मियों को लाइन भेज दिया। कारगुजारियों से चर्चा में रहने वाले इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार को मिर्जामुराद थाने से लाइन हाजिर कर दिया। उन पर एक युवती से जुड़े लवजेहाद के मामले में लापरवाही बरतने का भी आरोप है। इसके अलावा सीपी ने खराब प्रदर्शन पर कई थाना प्रभारियों और चौकी इंचार्जों के तबादले किए गए। शनिवार रात निरीक्षक शिवाकांत मिश्रा, निरीक्षक संजय कुमार मिश्रा और उपनिरीक्षक विकास सिंह को नई तैनाती मिली। कैंट थाना प्रभारी रहे शिवाकांत मिश्रा हटाकर सिगरा भेजा गया। उन्हें प्रभारी निरीक्षक के तौर पर सिगरा थाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सिगरा के प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार मिश्रा को रामनगर का इंस्पेक्टर बनाया गया है। पुलिस कमिश्नर के पीआरओ उपनिरीक्षक विकास सिंह को रोडवेज चौकी इंचार्ज बनाया गया है। SOG-02 को तत्काल प्रभाव से भंग कर सभी कर्मियों को पुलिस लाइन अटैच कर दिया गया है। बाद में यूनिट का नए सिरे से गठन किया जाएगा। मिर्जामुराद प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार पाण्डेय को पुलिस लाइन भेजा गया, जबकि साइबर क्राइम थाने से गोपाल जी कुशवाहा को मिर्जामुराद का नया प्रभारी बनाया गया है। वहीं रामनगर के राजकिशोर पाण्डेय को कैंट थाने की कमान सौंपी गई है। बैठक में पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने साफ संदेश दिया कि वही थाना प्रभारी और अधिकारी पद पर बने रहेंगे जो जनसुनवाई, अपराध नियंत्रण, विवेचना और कानून-व्यवस्था में उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे। सीपी की मीटिंग में ट्रैफिक मैनेजमेंट पर फोकस पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल मासिक अपराध मीटिंग के दौरान कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, जनसुनवाई एवं पुलिस कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा की गई। उत्कृष्ट प्रदर्शन, प्रभावी अपराध नियंत्रण, गुणवत्तापूर्ण विवेचना एवं जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण की बात कही। स्पष्ट किया कि बेहतर काम वाले अधिकारी ही थानाध्यक्ष पद पर बने रहेंगे। रिक्रूट आरक्षियों के प्रशिक्षण, सोशल मीडिया पॉलिसी के अनुपालन, सीसीटीएनएस एवं थाना अभिलेखों की जानकारी, ई-समन पोर्टल, यक्ष ऐप एवं डिजिटल व्यवस्थाओं के प्रभावी उपयोग पर विशेष बल दिया गया। यातायात व्यवस्था सुदृढ़ करने हेतु RTC स्कीम विशेष निगरानी एवं प्रवर्तन कार्रवाई की बात कही। महिला अपराध, साइबर अपराध, गोतस्करी, एनडीपीएस एवं अन्य संगठित अपराधों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही, आईजीआरएस प्रार्थना पत्रों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण तथा जनप्रतिनिधियों के साथ सकारात्मक संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए गए। गोष्ठी में अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय शिवहरी मीणा, अपर पुलिस आयुक्त अपराध आलोक प्रियदर्शी, डीसीपी काशी गौरव बंसवाल, डीसीपी वरुणा प्रमोद कुमार, डीसीपी गोमती नीतू, सभी जोन के एडीसीपी और ट्रैफिक के अफसर सहित समस्त पुलिस राजपत्रित अधिकारीगण व थाना प्रभारी व कर्मचारीगण उपस्थित रहे ।
Source link
वाराणसी की निष्क्रीय SOG-2 भंग, SHO-मिर्जामुराद लाइन हाजिर:शिवाकांत को कैंट से सिगरा भेजा, राजकिशोर को कैंट की कमान