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पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने शनिवार को हुई अपराध समीक्षा बैठक में शांतिभंग और पाबंद की कार्रवाई को लेकर सख्त रुख अपनाया। ग्रामीण सर्किल के एक एसीपी को फटकार लगाते हुए कहा कि आप मुंशी नहीं हैं, आपके पास मजिस्ट्रेट की पावर है। शांतिभंग में जेल भेजने से पहले मामले को अच्छी तरह समझें। वहीं शहर के पांच थानेदारों की कार्यशैली संतोषजनक नहीं पाई गई है, जिनकी कुर्सी पर तलवार लटक रही है। साढ़े चार घंटे तक चली बैठक वर्चुअल मोड में दोपहर ढाई बजे से शाम सात बजे तक चली बैठक में डीसीपी, एसीपी, थाना प्रभारी और अन्य अधिकारी जुड़े। बैठक में सबसे पहले वर्ष 2010 से फरार चल रहे इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी का रिपोर्ट कार्ड देखा गया। कार्रवाई में लापरवाही मिलने पर रेलबाजार, कल्याणपुर, बिठूर, नौबस्ता और नजीराबाद के थाना प्रभारियों से जवाब-तलब किया गया। हिस्ट्रीशीटरों और गुंडा एक्ट की कार्रवाई में ढिलाई मिलने पर कोतवाली, कलक्टरगंज, बजरिया, बेकनगंज, कोहना और काकादेव पुलिस को भी फटकार लगाई। साथ ही थानों में संदिग्धों को अनावश्यक बैठाने पर रोक लगाने, पूछताछ का जीडी में उल्लेख करने और थाना परिसर के सभी सीसीटीवी कैमरे दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। CBCID की अनुमति पर खोले हिस्ट्रीशीट इसके अलावा कहा कि 21 वर्ष से कम उम्र के आरोपियों की हिस्ट्रीशीट सीबीसीआईडी की अनुमति के बाद ही खोली जाएं। बैठक में घाटमपुर और चौबेपुर में चोरी व हत्या की घटनाओं के खुलासे में देरी पर नाराजगी जताई गई। नरवल, सचेंडी, चौबेपुर, पनकी और घाटमपुर में सक्रिय संगठित चोर गिरोहों पर कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए गए। महिला अपराधों में त्वरित कार्रवाई, सूखे नशे के खिलाफ विशेष अभियान और खुले में शराब पीने वालों पर कार्रवाई का आदेश दिया। इसके अलावा आगामी बकरीद को सकुशल संपन्न कराने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण कर अन्य विभागों से समन्वय बनाने के निर्देश दिए।
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पांच थानेदारों की कार्यशैली से नाखुश पुलिस कमिश्नर:ACP को फटकारा, कहा- आप मुंशी नहीं, जेल भेजने से पहले मामले को ठीक से समझें