लखनऊ में 68 लाख की ठगी करने वाला नाइजीरियन गिरफ्तार:फेसबुक पर विदेशी महिला बनकर की दोस्ती, STF ने दक्षिण दिल्ली से दबोचा


सोशल मीडिया पर विदेशी महिला बनकर भारतीय लोगों को प्रेमजाल में फंसाकर करोड़ों की साइबर ठगी करने वाले नाइजीरियन गिरोह के एक सदस्य को यूपीएसटीएफ ने दक्षिणी दिल्ली से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने डालीगंज निवासी युवक से फेसबुक पर इंग्लैंड की महिला बनकर दोस्ती की और करीब 68 लाख रुपए की ठगी कर ली। एसटीएफ ने आरोपी को शुक्रवार रात करीब 10:15 बजे दक्षिणी दिल्ली के नेब सराय थाना क्षेत्र स्थित खानपुर के स्कूल रोड स्थित मकान नंबर-3 से गिरफ्तार किया। आरोपी मूल रूप से नाइजीरिया का रहने वाला है और लंबे समय से दिल्ली में रहकर साइबर ठगी कर रहा था। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय गिरोह एसटीएफ ने बताया सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अमेरिका और यूनाइटेड किंगडम के नागरिकों के नाम से फर्जी प्रोफाइल बनाकर भारतीय युवक-युवतियों को प्रेमजाल में फंसाने वाले गिरोह के सक्रिय होने की सूचना मिल रही थी। इसके बाद अपर पुलिस अधीक्षक विशाल विक्रम सिंह की साइबर टीम ने जांच शुरू की। जांच में पता चला कि अगस्त 2025 में डालीगंज निवासी युवक की फेसबुक पर डोरिस विलियम नाम की कथित इंग्लैंड निवासी महिला से दोस्ती हुई। आरोपी ने युवक को प्रेमजाल में फंसाकर भारत घूमने आने की बात कही। बाद में बताया गया कि वह करीब तीन करोड़ रुपए कीमत के पाउंड लेकर दिल्ली एयरपोर्ट पहुंची है। इसके बाद युवक को खुद को कस्टम अधिकारी बताने वाले व्यक्ति का फोन आया। उसने कहा कि महिला के पास भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा और महंगे गिफ्ट हैं, जिन्हें छुड़ाने के लिए कस्टम शुल्क जमा करना होगा। युवक ने बताए गए यूपीआई खातों में 61,500 रुपए जमा कर दिए। बहाने से 40 लाख रुपए ठग लिए इसके बाद आरोपी और उसके साथियों ने कस्टम ड्यूटी, इनकम टैक्स और जीएसटी के नाम पर किश्तों में करीब 40 लाख रुपये ठग लिए। फिर खुद को रेमिटेंस अधिकारी बताने वाले व्यक्ति ने रुपये वापस कराने का झांसा देकर युवक से करीब 28 लाख रुपये और जमा करा लिए। आरोपी ने भरोसा दिलाने के लिए यूनाइटेड किंगडम के नाम से फर्जी आरबीएस सर्टिफिकेट भी भेजा। जब काफी समय बाद भी रुपये वापस नहीं मिले तो पीड़ित ने थाना मड़ियांव में वर्ष 2026 में मुकदमा दर्ज कराया। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर एसटीएफ ने आरोपी को दबोच लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह वर्ष 2010 में कपड़े का कारोबार करने भारत आया था। कारोबार में नुकसान होने पर वह अपने अन्य नाइजीरियन साथियों के संपर्क में आया और सोशल मीडिया के जरिए ठगी करने लगा। आरोपी ने बताया कि वर्ष 2020 में मध्य प्रदेश पुलिस ने भी उसे इसी तरह की साइबर ठगी में गिरफ्तार किया था। करीब चार साल जेल में रहने के बाद जमानत पर बाहर आने के बाद वह फिर इसी धंधे में सक्रिय हो गया। एसटीएफ के अनुसार, आरोपी के कुछ साथी अभी भी दिल्ली में रहकर सोशल मीडिया पर विदेशी नागरिकों की फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों को महंगे गिफ्ट, डॉलर और पाउंड भेजने का झांसा देकर ठगी कर रहे हैं। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।

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