कुछ ही क्षण पहले
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CBSE ने अपने सभी स्कूलों में कक्षा 9वीं और 10वीं में थ्री लैंग्वेज पॉलिसी अनिवार्य कर दी है। मौजूदा सेशन से ही, 9वीं और 10वीं के बच्चों को तीन लैंग्वेज की पढ़ाई करनी होगी। नोटिफिकेशन के अनुसार, इन 3 में से 2 भारतीय भाषाएं होनी चाहिए।

स्कूल 30 जून तक देंगे जानकारी
थ्री लैंग्वेज पॉलिसी के तहत, एक भारतीय और एक विदेशी भाषा के साथ एक क्षेत्रीय भाषा पढ़ाई जानी है। CBSE ने स्पष्ट किया है कि स्कूल, छात्रों की पसंद के अनुसार थर्ड लैंग्वेज चुन सकते हैं। सभी स्कूलों को अपनी चुनी हुई लैंग्वेज की जानकारी 30 जून तक बोर्ड को देनी होगी।
1 जुलाई से सभी स्कूलों में फैसला लागू
बोर्ड ने कहा कि लैंग्वेज को लेकर ये डिसीजन हाल ही में 2026-27 के लिए रिलीज किए गए NCERT सिलेबस को देखकर लिया गया है। हालांकि, इस सेशन की शुरुआत अप्रैल 2026 से हो चुकी है। लेकिन स्कूलों को 1 जुलाई से थर्ड लैंग्वेज की पढ़ाई शुरू करने का निर्देश दिया गया है।
10वीं में R3 लैंग्वेज का पेपर नहीं होगा
CBSE ने स्पष्ट किया है कि 10वीं की बोर्ड परीक्षा में इस साल R3 यानी थर्ड लैंग्वेज का पेपर नहीं होगा। हालांकि, इसकी पढ़ाई जरूरी होगी। जब तक R3 के लिए किताबें उपलब्ध नहीं हो जातीं, कक्षा 9 के छात्र कक्षा 6 की R3 किताबों से पढ़ाई करेंगे।
स्कूलों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे इन किताबों के सप्लीमेंट्स के रूप में लोकल या स्टेट लेवल का लिटरेरी मटेरियल्स जिसमें कविताएं, शॉर्ट स्टोरीज और फिक्शन वर्क शामिल हो, उपलब्ध कराएं।
1 जुलाई से स्कूलों में किताब उपलब्ध कराने का निर्देश
CBSE ने माना कि कुछ स्कूलों को भारतीय मूल की भाषाओं के लिए क्वालिफाइड टीचर्स अरेंज करने में मुश्किल हो सकती है। ऐसे में स्कूलों को इंटर स्कूल रिर्सोसेस के माध्यम से हाइब्रिड टीचिंग सपोर्ट, रिटायर लैंग्वेज टीचर की नियुक्ति और क्वालिफाइड पोस्ट ग्रेजुएट टीचर्स के हायरिंग की परमिशन भी दी गई है।
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