''कम से कम तेरही तक त रुक गइल होता अखिलेश'':कैबिनेट मंत्री ओपी राजभर बोले- भाई की मौत हुई, पर राजनीति नहीं छूट रही


योगी कैबिनेट में पंचायती राजमंत्री और सुभासपा केंद्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर गहरा तंज किया है। उन्होंने अखिलेश यादव के प्रतीक यादव की मौत को लेकर सपा प्रमुख पर कटाक्ष किया। फेसबुक पोस्ट करते हुए ओपी राजभर ने कहा- अभी अभी आपके भाई का देहांत हुआ है। पूरा परिवार परेशानी में है। यही वजह है कि मैं भी अपके दु:ख में शामिल हूं और आपकी समाज को बांटने वाली राजनीति पर कहना-लिखना बंद कर दिया था। लेकिन आप इतने सत्ता लोलुप हैं कि परिवार की ‘गमी’ के बीच भी राजनीति सूझ रही है, दूसरों के घरों में क्या चल रहा है इसकी आपको ज्यादा चिंता है। लगता है आपने लोकलाज त्याग दिया है। कम से कम तेरहवीं तक तो रुक जाइये। आखिरी में लिखा है- बेगाने मंत्रिमंडल में अखिलेश दीवाना। उन्होंने यह बयान- योगी मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर हाल ही में दिए गए अखिलेश यादव के बयान को लेकर दिया है। अब पढ़िए पूरा बयान… ‘’अखिलेश यादव जी, अभइं तोहरे भाई क देहांत भयल ह, पूरा परिवार परेशान ह.. यही कारन हमहू तोहरे दुख में शामिल हईं और तोहार समाज बांटे वाली राजनीति पर लिखे-बोले बंद कर देले रहली। मगर तू एतना बड़ा सत्ता क लालची हउवा कि परिवार के ‘गमी’ पड़ल ह, तब्बो तोके राजनीति खेले के ह। दूसरे के घर में का चलत ह, एकर चिंता ढेर ह तोके। लगत ह तू लाज सरम सब घोर के पी गयल हउवा। कम स कम तेरही तक त रुक गयल होता… ओकरे बाद कर लेहल जाई बिचार क राजनीति, कुछ तू हमके कहता, कुछ हम तोहके सुनाइत.. लेकिन तोहार ई रंग-ढंग अगर गोलोकगामी भाई साहब देखत होइहं…त का सोचत होइ हं तोहरे बारे में.. रहल बात मंत्रिमंडल के बढ़ले और विभागन क बंटवारा अब ले ना भइल.. त भाई तू काहे परेशान हउवा.. तोहके का लगत ह कि एक-आक विभाग तोहूं के मिल जाए का? अगर इच्छुक हउवा त तुरंत सुभासपा ज्वाइन करा.. माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ से अझुरा जाब, लेकिन तोहके कौनो न कौनो विभाग क मंत्री बनवा के रहब।” (अखिलेश जी अभी आपके भाई का देहांत हुआ है और पूरा परिवार परेशानी में है। यही वजह है कि मैं भी अपके दु:ख में शामिल हूं और आपकी समाज को बांटने वाली राजनीति पर कहना-लिखना बंद कर दिया था। लेकिन आप इतने सत्ता लोलुप हैं कि परिवार की ‘गमी’ के बीच भी राजनीति सूझ रही है, दूसरों के घरों में क्या चल रहा है इसकी आपको ज्यादा चिंता है। लगता है आपने लोकलाज त्याग दिया है। जरा तेरहवीं तक रुक जाइए फिर विचारों की राजनीति कर ली जाएगी, कुछ आप हमें कह लीजिएगा, कुछ हम आपको सुनाएंगे… लेकिन इस व्यवहार को गोलोकगामी भाई देख रहा होगा तो, क्या सोच रहा होगा… थोड़ा तो लिहाज कर लीजिए। रही बात मंत्रिमंडल विस्तार के बाद विभाग के बंटवारे की तो, आपको क्या लगता है कि कोई विभाग आपको भी मिल जाए? अगर इच्छुक हैं तो सुभासपा ज्वाइन कर लीजिए, माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी से झगड़ा कर लूंगा, लेकिन आपको एक विभाग का मंत्री बनवा कर रहूंगा। बेगाने मंत्रिमंडल में अखिलेश दीवाना!) 21 घंटे पहले अखिलेश ने किया था पोस्ट… बता दें कि शुक्रवार को अखिलेश यादव ने ट्वीट करते हुए 5 मई को हुए योगी मंत्रि मंडल विस्तार के खिलाफ कटाक्ष किया था। उन्होंने लिखा था- लंबे इंतजार के बाद इन मंत्रियों को कैबिनेट में जगह मिली है। जनता ने तय किया है कि ये इन मंत्रियों पर निगरानी रखी जाएगी, ताकि ये सिर्फ अपना खजाना न भर सकें। पढ़िए अखिलेश का पूरा बयान… उप्र में मंत्रियों के नाम के बाद, अब क्या उनके विभागों की ‘पर्ची’ भी ऊपर से आएगी? मंत्रालयों के बंटवारे की देरी की असली वजह सिर्फ़ ये है कि मंत्रालय-विभाग की ‘कमीशन-कमाई’ के बंटवारे के डबल इंजन आपस में टकरा रहे हैं। दीर्घ प्रतीक्षा के बाद जो नये मंत्री बने हैं वो बेचारे तो बस दर्शक दीर्घा में बैठकर, गेंद को इधर-उधर आते-जाते देख रहे हैं। भाजपाई डबल इंजन बाक़ी सब मंत्रियों को ‘डब्बा’ कर देता है। उप्र की जनता ने ठाना है कि नये मंत्रियों को जो भी मंत्रालय-विभाग मिलेगा, उस पर पूरी तरह से निगाह-निगरानी रखी जाएगी, जिससे ये नये-नवेले मंत्रीगण अपने ख़जाने न भर सकें। इस बात के लिए काग़ज़ी प्रमाण के साथ-साथ और भी आडियो-वीडियो सबूत इकट्ठे किये जाएंगे और इन भाजपाइयों की कलई खोली जाएगी। अब जनता ही भाजपाई लोगों को अपने टैक्स के पैसों की लूट करने से रोकेगी क्योंकि भ्रष्टाचार रोकने के बाक़ी सारे विभाग तो भ्रष्ट भाजपा ने बर्बाद कर ही दिये हैं। जनता को लगता है अब सोशल मीडिया और सिटिज़न जर्नलिज्म के माध्यम से ही उनको न्याय मिल सकता है। भाजपा सरकार जानती है कि ये आख़िरी बार है जब वो सत्ता में है, इसीलिए ये भाजपाई दसों हाथों से पैसा बटोरना चाहते हैं। जागरूक जनता अब इन भाजपाइयों को उनके गंदे मंसूबों में कामयाब नहीं होने देगी। अखिलेश-राजभर के बीच सोशल मीडिया वार… पिछले कुछ समय से सपा प्रमुख और योगी के मंत्री ओपी राजभर के बीच सोशल मीडिया पर संग्राम चल रहा है। अखिलेश के हर बयान और पोस्ट पर ओपी राजभर खुलकर बयान दे रहे हैं। ममता-स्टालिन संग फोटो पर बोले- हार का नया रिकॉर्ड बनाएंगे 7 मई को अखिलेश यादव ने पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी और तमिलनाडु के पूर्व सीएम एमके स्टालिन से उनके निज आवासों पर जाकर मुलाकात की। सोशल मीडिया पर मुलाकात की तस्वीरें शेयर करते हुए कहा- ममता दीदी आप लड़ी हैं… हारी नहीं हैं.. अखिलेश के इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए ओपी राजभर ने कहा- वे ढांढस बंधाने गए थे कि आप तो सिर्फ एक बार हारी हैं, हम दो बार हारे हैं। आइए साथ मिलकर हारने की नई श्रृंखला बनाते हैं। जब बंगाल चुनाव के नतीजे आ रहे थे, तब तो 4 घंटे तक अखिलेश कुछ बोले नहीं, अब गए बात करने। लगता है अखिलेश इस बार हार का नया रिकॉर्ड बनाएंगे। सपा में दगे हुए कारतूस इकट्ठा हो गए दो दिन पहले जौनपुर पहुंचे ओपी राजभर ने मीडिया से बात करते हुए अखिलेश पर तंज कसा। उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव के साथ जाने के सवाल पर कहा- डूबती नाव पर कोई बैठना नहीं चाहता। सपा में “दगे हुए कारतूस” इकट्ठा हो गए हैं। पार्टी में ऐसा कोई नेता नहीं बचा जो अपने दम पर विधानसभा जिताने की क्षमता रखता हो। ——————————————— ये खबर भी पढ़िए… ‘डार्लिंग तुम्हारे लिए पेपर आउट किया, आकर मिलो’:लखनऊ यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ने छात्रा को फोन कर दबाव बनाया; हिरासत में
लखनऊ यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर परमजीत सिंह ने बीएससी फाइनल इयर की एक स्टूडेंट को फोन किया और छुट्‌टी से वापस आने का दबाव बनाया। प्रोफेसर ने कहा- ‘डार्लिंग, तुम्हारे लिए पेपर आउट करा दिया है। एग्जाम से पहले घर से आ जाओ। यहां पेपर

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