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एस. विग्नेश शिशिर, जिन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की नागरिकता को चुनौती दी थी और उनके खिलाफ कथित आय से अधिक संपत्ति की जांच की मांग उठाई थी, ने अब जेड प्लस सुरक्षा की मांग की है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि शिशिर के इस प्रत्यावेदन पर तीन सप्ताह के भीतर निर्णय लिया जाए। यह आदेश न्यायमूर्ति शेखर बी. सराफ और न्यायमूर्ति ए.के. चौधरी की खंडपीठ ने एस. विग्नेश शिशिर की याचिका को निस्तारित करते हुए पारित किया। याचिकाकर्ता ने तर्क दिया था कि विभिन्न संवेदनशील मामलों में याचिकाएं दायर करने के बाद उनकी सुरक्षा को गंभीर खतरा है और मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त नहीं है। उन्होंने न्यायालय से जेड प्लस सुरक्षा के साथ-साथ अपने आवास पर भी अतिरिक्त सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की थी। सुनवाई के दौरान, केंद्र सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एस.बी. पांडेय ने न्यायालय को सूचित किया कि याची द्वारा दिए गए प्रत्यावेदन पर अब तक कोई निर्णय लिया गया है या नहीं, इसकी जानकारी उन्हें प्राप्त नहीं हुई है। इस पर न्यायालय ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को निर्देश दिया कि इस मामले में तीन सप्ताह के भीतर उचित निर्णय लिया जाए। गौरतलब है कि इससे पहले 28 अगस्त 2025 को हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता की सुरक्षा को लेकर अंतरिम राहत प्रदान की थी। तब न्यायालय ने केंद्र सरकार को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल का एक पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO) 24 घंटे तैनात करने का आदेश दिया था।
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एस. विग्नेश शिशिर ने मांगी Z+ सुरक्षा:लखनऊ हाईकोर्ट ने केंद्र को 3 सप्ताह में निर्णय लेने का निर्देश दिया