![]()
एटा में जिलाधिकारी अरविंद सिंह के निर्देश पर उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों पर सघन निरीक्षण अभियान चलाया गया। अभियान का उद्देश्य किसानों को निर्धारित दरों पर उर्वरक उपलब्ध कराना, अभिलेखों का सही संधारण सुनिश्चित करना और कालाबाजारी पर रोक लगाना था। निरीक्षण के दौरान सबसे पहले अलीगंज चुंगी स्थित क्रय-विक्रय केंद्र का निरीक्षण किया गया। यहां गेहूं क्रय कार्य जारी मिला और 512 बोरी एनपीके उर्वरक उपलब्ध पाए गए। वहीं, बी-पैक्स अलीगंज चुंगी पर आवश्यक अभिलेख अधूरे मिलने और उनका समुचित संधारण न होने पर संबंधित संस्था को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। स्पष्टीकरण मिलने तक संस्था को कड़ी चेतावनी भी दी गई है। इसके बाद गुप्ता खाद भंडार, कृभको केंद्र शीतलपुर, इफको केंद्र मंडी समिति और एटा केंद्रीय थोक उपभोक्ता सहकारी भंडार मंडी विक्रेता का भी निरीक्षण किया गया। निरीक्षण टीम ने सभी उर्वरक विक्रेताओं को निर्देश दिए कि किसानों का पूरा विवरण अभिलेखों में दर्ज किया जाए, पीओएस मशीन से सत्यापन किया जाए और निर्धारित दरों पर ही उर्वरक वितरित किए जाएं। अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि कालाबाजारी, जमाखोरी या बिना अभिलेख उर्वरक वितरण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने सभी उर्वरक विक्रेताओं को स्टॉक रजिस्टर, विक्रय रजिस्टर, रेट सूची, पीओएस मिलान, खतौनी, आधार कार्ड और फार्मर आईडी से संबंधित रिकॉर्ड अद्यतन रखने के निर्देश दिए हैं। शासनादेशों की अवहेलना करने या बिना सत्यापन उर्वरक वितरण पाए जाने पर लाइसेंस निलंबन, निरस्तीकरण और प्राथमिकी दर्ज करने जैसी कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे आवश्यकता अनुसार ही उर्वरक खरीदें और अनावश्यक भंडारण से बचें। अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में जनपद में यूरिया 15,280 मीट्रिक टन, डीएपी 11,649 मीट्रिक टन और एनपीके 4,024 मीट्रिक टन उपलब्ध है, इसलिए उर्वरकों की कोई कमी नहीं है। निरीक्षण अभियान में डॉ. मनवीर सिंह, सतीश कुमार समेत अन्य अधिकारी शामिल रहे। किसानों को उर्वरक संबंधी शिकायतों के लिए जिला कृषि अधिकारी कार्यालय के दूरभाष नंबर +91-5742-297086 पर संपर्क करने की सलाह दी गई है।
Source link
कृषि अधिकारी ने खाद-बीज दुकानों का किया निरीक्षण:एटा में अभिलेख अधूरे मिलने पर नोटिस, कालाबाजारी पर चेतावनी