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मेरठ में एसटीएफ ने बुधवार सुबह कुख्यात मुनीर गैंग के सदस्य जुबैर को मुठभेड़ में ढेर कर दिया। मेरठ के लोहिया नगर में एसटीएफ से मुठभेड़ में जुबैर को गोली लगी। उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया। जुबैर पर एक लाख रूपए का ईनाम घोषित था। 24 दिसम्बर को अलीगढ़ में की हत्या
एसटीएफ के अनुसार, 24 दिसम्बर, 2025 को जुबैर ने अपने साथियों के साथ मिलकर अलीगढ़ में राव दानिश हिलाल पुत्र राव जादा हिलाल वारिस निवासी खयावान हिलाल हसन मन्जिल अमीर निशा रोड थाना सिविल लाइन जनपद अलीगढ़ की गोली मारकर हत्या कर दी थी। तभी से एसटीएफ उसके पीछे लगी थी। एक लाख रूपए का ईनाम था घोषित
राव दानिश हिलाल की हत्या के बाद जुबैर अंडर ग्राउंड हो गया। उसके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। एसटीएफ ने सरगर्मी से उसकी तलाश शुरू कर दी। इस बीच उस पर एक लाख रूपए का ईनाम भी घोषित हो गया। बुधवार सुबह एसटीएफ को उसके मेरठ में होने की सूचना मिली। लोहियानगर के अलीपुर में उसे घेर लिया गया। मुठभेड़ के दोरान जुबैर को लगी गोली
बुधवार सुबह जुबैर ने खुद को बचाने की नीयत से एसटीएफ पर फायरिंग शुरू कर दी। एसटीएफ नें भी जवाबी कार्यवाही की, जिसमें एक गोली जुबैर को लगी और वह घायल हो गया। एसटीएफ उसे उपचार के लिए अस्पताल भेजा, जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस को मौके से उसकी बाइक, 2 पिस्टल 32 बोर और भारी मात्रा में कारतूस बरामद हुए। हत्या के बाद दिल्ली में छिपा था जुबैर
अलीगढ़ में हत्या करने के बाद जुबैर फरार हो गया। इन दिनों वह दिल्ली में छिपा था। बुधवार सुबह वह कहीं भागने की फिराक में था। तभी एसटीएफ को उसके मेरठ में होने की सूचना मिली और उसकी घेराबंदी शुरू कर दी। इसके विरूद्ध हत्या, लूट एवं डकैती आदि के 2 दर्जन से ज्यादा मुक़दमे पंजीकृत हैं।
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एक लाख का इनामी शातिर जुबैर मुठभेड़ में ढेर:अल सुबह लोहिया नगर के अलीपुर में एसटीएफ से हुई मुठभेड़, हत्या में था वांछित