Bihar DGP Action | Police Dowry Cases Action

पटना28 मिनट पहले

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“प्रदेश की पुलिस गैंगरेप पीड़िता से भी पैसे मांग लेती है। ऐसे पुलिस वालों को डूबकर मर जाना चाहिए।”

बिहार के DGP विनय कुमार ने मंगलवार को पुलिस मुख्यालय ऑडिटोरियम में आयोजित जेंडर बेस्ड वॉयलेंस पर एकदिवसीय कार्यशाला में यह बात कही।

कार्यक्रम के दौरान उन्होंने दैनिक भास्कर की उस खबर का जिक्र किया, जिसमें मोतिहारी की एक महिला पुलिस अधिकारी पर गैंगरेप पीड़िता से मेडिकल जांच कराने के नाम पर 9 हजार रुपए मांगने का आरोप लगा था।

DGP ने कहा कि संबंधित महिला SHO ने पीड़िता के परिजनों से किराये पर गाड़ी भी ली थी और उसी गाड़ी से चार दिनों तक इधर-उधर घूमती रही। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा, “पुलिस की वर्दी लोगों की मदद करने के लिए होती है,

गरीबों को परेशान करने के लिए नहीं। ऐसे पुलिस वालों को वर्दी उतार देनी चाहिए। घर में खाना बनाना चाहिए या फिर डूबकर मर जाना चाहिए।” उन्होंने कहा कि कई मामलों में महिला SHO वर्दी और पिस्टल की धौंस जमाते देखी गई हैं।

दहेज लेने वाले पुलिस वालों को बर्खास्त कर देना चाहिए

बिहार के DGP विनय कुमार ने राज्य के सभी पुलिसकर्मियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है, जो लोग शादी के बाद दारोगा बनने पर पहली पत्नी को छोड़ दूसरी शादी करते हैं, उन्हें नौकरी में रहने का कोई अधिकार नहीं है।

उन्होंने कहा कि, बिहार पुलिस के कई जवान और पदाधिकारी भी दहेज मामलों में संलिप्त पाए गए हैं। करीब एक दर्जन से अधिक पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जा चुकी है। जो लोग दहेज जैसी सामाजिक बुराई में शामिल हैं, उन्हें पुलिस सेवा में रहने का कोई अधिकार नहीं है। ऐसे दोषियों को तत्काल सेवा मुक्त कर देना चाहिए।

DGP ने महिला थाना के पुलिस पदाधिकारियों को विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा, ‘वे केवल थाना स्तर तक सीमित न रहें, बल्कि पंचायत स्तर तक जाकर लोगों के बीच जागरूकता अभियान चलाएं।’ DGP ने जोर दिया कि ‘जेंडर बेस्ड वॉयलेंस केवल कानून व्यवस्था का मामला नहीं, बल्कि सामाजिक सोच से जुड़ा गंभीर विषय है।’

DGP ने पुलिस वालों को जनता से बेहतर संवाद करने का निर्देश दिया है।

DGP ने पुलिस वालों को जनता से बेहतर संवाद करने का निर्देश दिया है।

दहेज मांगने वालों को समाज से बाहर करना चाहिए

DGP ने कहा कि, जब तक समाज की मानसिकता नहीं बदलेगी, तब तक महिलाओं के खिलाफ अपराध पूरी तरह खत्म नहीं हो सकता। उन्होंने महिला पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी पर बल देते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना, घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना और यौन अपराधों के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित करना आवश्यक है।

कार्यक्रम में शामिल महिलाएं।

कार्यक्रम में शामिल महिलाएं।

पुलिसकर्मियों को जनता के साथ बेहतर संवाद करना चाहिए DGP विनय कुमार ने कहा कि पुलिस का काम केवल अपराधियों को पकड़ना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना भी है। पुलिसकर्मियों को जनता के साथ बेहतर संवाद करना चाहिए, ताकि लोगों का भरोसा पुलिस पर मजबूत हो सके।

उन्होंने महिला पुलिसकर्मियों से खास तौर पर अपील की कि वे पीड़ित महिलाओं और बच्चियों के साथ संवेदनशीलता और सहानुभूति के साथ पेश आएं। कई बार पीड़ित महिलाएं मानसिक रूप से बेहद टूट चुकी होती हैं। ऐसे में पुलिस का व्यवहार उनके लिए सबसे बड़ी उम्मीद होती है।

जिम्मेदारियों को संवेदनशीलता के साथ निभाने की अपील DGP ने महिला थाना पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि जेंडर बेस्ड वॉयलेंस से जुड़े मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने की दिशा में काम हो। बिहार के विभिन्न जिलों और थाना स्तर पर सहयोग शिविर और जागरूकता अभियान से जेंडर बेस्ड वॉयलेंस के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जाएगा। इसका मकसद महिलाओं को सुरक्षित माहौल देना है।

अब वो पूरी खबर पढ़िए जिसका DGP ने जिक्र किया

रेप केस में मेडिकल के लिए पुलिस की डिमांड-बोलेरो लाओ:महिला SI बोली- पैसे नहीं हैं तो केस क्यों करते हो; 48 घंटे बाद सस्पेंड

मोतिहारी पुलिस रेप के मामले की जांच के लिए पीड़िता के परिवार से ही लग्जरी गाड़ी की डिमांड कर रही है। महिला SI कहती है पैसे नहीं हैं तो केस ही नहीं करना चाहिए था। रेप के 48 घंटे बाद मेडिकल कराने को लेकर महिला SI को SP स्वर्ण प्रभात ने सस्पेंड कर दिया है। एसपी ने कहा ‘मामला की जांच अरेराज SDPO से कराई गई।’ पूरी खबर पढ़ें।

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