सहारनपुर में सफाई ठेके पर यूनियन का विरोध:निजी कंपनी को ठेका देने पर उठे सवाल, महापौर को सौंपा ज्ञापन


सहारनपुर नगर निगम की प्रस्तावित सफाई व्यवस्था को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है। बुधवार को अखिल भारतीय सफाई कर्मचारी कल्याण संघ (ट्रेड यूनियन) ने नगर के 58 वार्डों में सफाई कार्य के लिए एक निजी कंपनी को ठेका देने की प्रक्रिया पर गंभीर आपत्ति जताई है। यूनियन ने इस संबंध में नगर आयुक्त और महापौर को ज्ञापन सौंपकर ठेका रद्द करने की मांग की है। यूनियन के पदाधिकारियों के अनुसार, जिस कंपनी को सफाई कार्य का ठेका देने पर सहमति बनी है, उसका पिछला रिकॉर्ड संतोषजनक नहीं है। आरोप है कि यह कंपनी अन्य शहरों में सफाई कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं देती और उन्हें ईपीएफ तथा अन्य आवश्यक लाभों से भी वंचित रखती है। इससे कर्मचारियों का आर्थिक और मानसिक शोषण होता है। ज्ञापन में यूनियन ने आशंका व्यक्त की है कि यदि इस कंपनी को सहारनपुर में ठेका मिलता है, तो वर्तमान में कार्यरत सफाई नायकों और कर्मचारियों की स्थिति प्रभावित हो सकती है। कंपनी द्वारा अपने स्तर पर सफाई नायक नियुक्त करने की संभावना है, जिससे मौजूदा कर्मचारियों के अधिकारों पर खतरा उत्पन्न हो सकता है। यूनियन ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि ठेका देने से पहले कंपनी द्वारा अन्य शहरों में किए गए कार्यों की विस्तृत जांच कराई जाए। साथ ही, यदि कहीं भी श्रमिकों के शोषण की पुष्टि होती है, तो इस ठेके को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए। जिला अध्यक्ष राहुल वाल्मीकि ने कहा कि संगठन सफाई कर्मचारियों के हक और अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष करता रहा है और आगे भी करता रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कर्मचारियों के हितों की अनदेखी की गई, तो यूनियन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। यूनियन ने नगर निगम से यह भी अपील की है कि सफाई व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए स्थानीय स्तर पर ही कर्मचारियों की नियुक्ति और उनकी निगरानी की व्यवस्था की जाए। इससे पारदर्शिता बनी रहेगी और कर्मचारियों का शोषण रोका जा सकेगा।

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