देवरिया पहुंची शंकराचार्य की गविष्टि यात्रा:गौ संरक्षण पर दिया संदेश, राजनीतिक हलचल बढ़ी


ज्योतिषपीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की गविष्टि यात्रा मंगलवार को देवरिया पहुंची। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य गौ संरक्षण के प्रति जन जागरूकता फैलाना है। शंकराचार्य के बयानों से राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। यह यात्रा जिले की विभिन्न विधानसभाओं का भ्रमण कर रही है। बरहज विधानसभा क्षेत्र के सोनूघाट चौराहे पर यात्रा का स्वागत किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने पुष्प वर्षा कर शंकराचार्य का अभिनंदन किया। स्थानीय कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। अपने संबोधन में शंकराचार्य ने गौ रक्षा पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “गाय का खून और दूध एक पात्र में नहीं रह सकता, उसी प्रकार गौ हत्यारों का समर्थन करने वालों और गौ सेवकों की विचारधारा साथ नहीं चल सकती।” उन्होंने समाज में बढ़ती विभाजन की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त की।। शंकराचार्य ने कहा कि एक वर्ग गौ सेवा को धर्म मानता है, जबकि दूसरा वर्ग केवल स्वार्थ पर केंद्रित है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे ऐसे जनप्रतिनिधियों और दलों का समर्थन करें जो गौ संरक्षण के पक्ष में ठोस कदम उठाने की प्रतिबद्धता रखते हों। उन्होंने गौशालाओं और “गौ धाम” की स्थापना पर भी जोर दिया। शंकराचार्य ने कहा कि इसके लिए जनसहयोग आवश्यक है। उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति से सहयोग राशि देने और प्रत्येक विधानसभा से एक प्रतिनिधि चुनकर गौ संरक्षण के कार्य को मजबूत करने की अपील की। शंकराचार्य ने स्पष्ट किया कि जो भी राजनीतिक दल गौ हत्या पर प्रतिबंध और गौ माता को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान देने की दिशा में काम करेगा, समाज उसका समर्थन करेगा। उनके इस बयान के बाद क्षेत्र में सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं। यात्रा के दौरान गौ संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के साथ-साथ लोगों को संगठित करने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।

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