बुलंदशहर में पूर्व प्रधान की संदिग्ध मौत:घायल अवस्था में मिले, गले पर धारदार हथियार के निशान; पुलिस सभी पहलुओं की जांच में जुटी


बुलंदशहर के डिबाई कोतवाली क्षेत्र के ग्राम असदपुर घेड़ में पूर्व प्रधान दिगंबर सिंह (89 वर्ष) का संदिग्ध परिस्थितियों में निधन हो गया। परिजनों को मंगलवार की दोपहर करीब 12 बजे घटना की जानकारी मिली। दिगंबर सिंह वर्ष 2010 से 2015 तक ग्राम प्रधान रहे थे और एडीओ पंचायत पद से सेवानिवृत्त हुए थे। परिजनों के अनुसार, दिगंबर सिंह अपने घेर (पशु बांधने का स्थान) में गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिले। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, उन्हें किसी धारदार वस्तु, संभवतः सेविंग ब्लेड, से चोट लगी थी। हालांकि, पुलिस ने अभी तक किसी भी निष्कर्ष की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अंतरिक्ष जैन मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान क्षेत्राधिकारी मधुप कुमार सिंह, कोतवाली प्रभारी विशाल प्रताप सिंह चौहान और हल्का इंचार्ज प्रवीण माथुर सहित पुलिस बल मौजूद रहा। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए बुलंदशहर भेज दिया है। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण ने बताया कि यह मामला संदिग्ध है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि मृत्यु के वास्तविक कारणों की पुष्टि फोरेंसिक और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। मृतक के नाती वृजेश ने बताया कि उनके बाबा सुबह लगभग 10:30 बजे खाना खाकर घेर पर आराम करने गए थे। दोपहर करीब 12 बजे जब वे वहां पहुंचे, तो उन्होंने दिगंबर सिंह के हाथ में सेविंग ब्लेड देखा और उनकी गर्दन से खून बह रहा था। परिजनों ने यह भी बताया कि दिगंबर सिंह कुछ समय से अवसाद और खराब स्वास्थ्य से जूझ रहे थे, जिसके चलते यह कदम उठाने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, पुलिस सभी बिंदुओं पर गहनता से जांच कर रही है। दिगंबर सिंह के परिवार में तीन पुत्रियां और दो पुत्र हैं, जो सभी विवाहित हैं। उनके बड़े बेटे पप्पू सिंह गांव में खेती करते हैं, जबकि दूसरे बेटे अशोक कुमार अलीगढ़ में वकालत करते हैं।

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