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जौनपुर में सड़क दुर्घटनाओं के शिकार लोगों को केंद्र सरकार की कैशलेस उपचार योजना से बड़ी राहत मिल रही है। पिछले दो माह के भीतर जिले में पांच घायलों को इस योजना का लाभ मिला, जिनका नजदीकी निजी अस्पतालों में त्वरित उपचार कराया गया। यह योजना ‘गोल्डन आवर’ के सिद्धांत पर आधारित है, जिसमें हादसे के बाद का पहला घंटा घायल की जान बचाने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। शासन के निर्देशानुसार, दुर्घटनास्थल के सबसे नजदीकी सूचीबद्ध अस्पताल में घायल को तुरंत भर्ती किया जाता है। इन अस्पतालों में मरीज का उपचार बिना किसी अग्रिम भुगतान के तत्काल शुरू हो जाता है। त्वरित उपचार के साथ-साथ, प्रशासन सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता अभियान भी चला रहा है। दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ब्लैक स्पॉट्स की पहचान की जा रही है और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जा रहा है। इस कैशलेस उपचार योजना में परिवहन, स्वास्थ्य, पुलिस और लोक निर्माण विभाग को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। घायल के सूचीबद्ध अस्पताल पहुंचते ही उसका त्वरित उपचार शुरू कर दिया जाता है। योजना के तहत अधिकतम डेढ़ लाख रुपये तक का उपचार कैशलेस तरीके से किया जा सकता है। यह जानकारी एआरटीओ सत्येंद्र कुमार सिंह ने दी। जिले में कुल 20 सरकारी और 21 प्रमुख निजी अस्पतालों में इस योजना के तहत उपचार की सुविधा उपलब्ध है। इनमें ट्यूलिप हार्ट एंड सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल नईगंज, आशादीप हॉस्पिटल एंड हार्ट चेस्ट रिसर्च सेंटर अहियापुर, शिव सहाय सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल रुहट्टा, हबीब हॉस्पिटल खेतासराय, पार्थ हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर पॉलिटेक्निक चौराहा, तीर्थराज हॉस्पिटल कलीचाबाद, अरुणोदय सर्जिकल एंड ट्रामा सेंटर कलीचाबाद, सिद्धार्थ मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल उमरपुर हरिबंधनपुर और आरोग्यनीर डायग्नोस्टिक चन्दवक जैसे अस्पताल शामिल हैं। उपचार की यह नई व्यवस्था दुर्घटना प्रभावित परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा साबित हो रही है।
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जौनपुर में 2 माह में 5 घायलों का कैशलेस इलाज:सड़क दुर्घटना पीड़ितों को मिली त्वरित उपचार योजना से राहत