गर्मी से बचाव के लिए वाटर स्प्रिंकलर से हो रहा छिड़काव।
कानपुर में अप्रैल के आखिरी दिनों में भी शहर में गर्मी का सितम कम होने का नाम नहीं ले रहा। हालांकि बीते 48 घंटों में दिन के तापमान में 3.9 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन इसके बावजूद पारा 40 डिग्री के पार बना हुआ है।
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मंगलवार को तेज धूप और उमस ने लोगों को बेहाल कर दिया। दोपहर में सड़कों पर निकलना मुश्किल रहा और गर्म हवाओं ने लोगों को परेशान किया। आज 29 अप्रैल से 1 मई तक बादल छाने और बूंदाबांदी की संभावना है, जिससे मौसम में कुछ राहत मिल सकती है।

तेज धूप में घरों से निकलना हुआ मुश्किल।
छांव तलाशते नजर आए लोग
गर्मी से राहत दिलाने के लिए नगर निगम की ओर से प्रमुख सड़कों और चौराहों पर वाटर स्प्रिंकलर से पानी का छिड़काव कराया जा रहा है। दोपहर के समय सड़कों पर पानी का छिड़काव होने से राहगीरों को कुछ राहत मिली। बाजारों और चौराहों पर लोग छांव तलाशते नजर आए, वहीं ठंडे पेय पदार्थों और गन्ने के रस की दुकानों पर भीड़ बढ़ गई।
सीएसए के वेदर स्टेशन की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार मंगलवार को अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.4 डिग्री अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 26.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.2 डिग्री ज्यादा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दिन के साथ-साथ रात का तापमान भी लगातार बढ़ रहा है, जिससे लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है।
कूलर पंखे बेअसर साबित
रात में भी गर्मी का असर बना रहने से कूलर और पंखे भी बेअसर साबित हो रहे हैं। घरों में उमस और पसीने से लोग परेशान हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव संभव है, लेकिन फिलहाल तेज गर्मी से राहत की उम्मीद कम है।

40 के ऊपर रहेगा तापमान
मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया- आने वाले दिनों में इसी तरह तापमान में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। तापमान 40 के ऊपर रहने की संभावना है। इसके अलावा लू की स्थितियां बनी रहेंगी। फिलहाल आने वाले दिनों में लोग गर्मी के लिए तैयार रहें।
29 अप्रैल से एक मई तक कानपुर में बादल छा सकते हैं। हालांकि शहर में हीट डोम की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में बाहर निकलने से पहले पानी पीकर निकलें। इसके अलावा हीट डोम की वजह से मई व जून में भी विकराल गर्मी पड़ेगी।

हीटवेव और गर्मी से बचने के उपाय
- दिन के सबसे गर्म समय, यानी दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक बाहर निकलने से बचें।
- ढीले, हल्के रंग के और सूती पूरी बांह के कपड़े पहनें।
- सिर को टोपी, गमछा, दुपट्टा या छाते से ढककर रखें।
- घर में ठंडक बनाए रखने के लिए पंखा, कूलर या एसी का उपयोग करें।
- पर्याप्त मात्रा में पानी और अन्य तरल पदार्थ लेते रहें।
- दिन में बार-बार पानी पिएं, प्यास लगने का इंतजार न करें।
- नियमित रूप से ओआरएस, नींबू पानी, छाछ और नारियल पानी का सेवन करें।
- चाय, कॉफी और शराब के सेवन से बचें।
- हल्का, सुपाच्य और ताजा भोजन करें।
- तला-भुना और ज्यादा मसालेदार खाना कम खाएं।
- तरबूज, खरबूजा, खीरा, ककड़ी, संतरा जैसे पानी से भरपूर फल अधिक लें।
- घर से बाहर निकलने से पहले पर्याप्त मात्रा में पानी पीकर निकलें।
- दूध या दूध से बनी भारी मिठाइयों से परहेज रखें।
- खिड़कियों पर पर्दे, सनशेड या सफेद पेपर लगाकर धूप को रोकें।
- दोपहर के समय घर की खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें, ताकि गर्म हवा अंदर न आए।
हीट स्ट्रोक के लक्षण पहचानें
- बहुत तेज बुखार आना
- चक्कर आना, उल्टी होना या बेहोशी महसूस होना
- त्वचा का सूखी और बहुत गर्म हो जाना
- बार-बार अत्यधिक प्यास लगना
- होंठों का सूख जाना
- शरीर में कमजोरी और बेचैनी महसूस होना
