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अधिवक्ता अखिलेश दुबे के खिलाफ दर्ज अश्लील किताबें बंटवाने के मामले में पुलिस की जांच पूरी हो गई है। होटल संचालिका ने अधिवक्ता के खिलाफ मुकदमा कराया था। पुलिस ने जांच में आरोपों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर फाइनल रिपोर्ट लगाएगी। प्रकाशक और प्रिंटिंग प्रेस के बारे नहीं मिली जानकारी साकेत नगर निवासी होटल संचालिका प्रज्ञा त्रिवेदी का आरोप था, कि वर्ष 2010 में अधिवक्ता के इशारे पर अजय निगम ने उनसे जुड़ी अश्लील किताबें बंटवाई है, जिसकी एक प्रति भी उन्होंने मुकदमा कराने के दौरान पुलिस को उपलब्ध कराई थी। जांच के दौरान पुलिस ने संबंधित प्रकाशक और वितरण के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास किया, लेकिन प्रकाशक या प्रिंटिंग प्रेस के बारे में कोई जानकारी नहीं हो सकी। स्पीड पोस्ट से जुड़ा नही मिला रिकार्ड होटल संचालिका ने राजेश गुप्ता नाम के एक और अधिवक्ता को भी आरोपी बनाया था। आरोप था कि राजेश गुप्ता ने कोरे कागज वाला लिफाफा उनके घर के पते पर स्पीड पोस्ट किया था। पुलिस के मुताबिक महिला ने अधिवक्ता का पता कानपुर कोर्ट कंपांउड बताया था, जिसके बारे में भी कोई नहीं हो सकी है। यहां तक कि डाकघर से भी उनके यहां किए गए स्पीड पोस्ट से जुड़ा कोई रिकार्ड नहीं मिल सका है। वहीं मामले के मुख्य आरोपी अजय निगम की भी मौत हो चुकी है। जूही इंस्पेक्टर केके पटेल ने बताया कि मामले में पर्याप्त साक्ष्य न मिलने पर विवेचना बंद करते हुए कोर्ट में फाइनल रिपोर्ट पेश की जाएगी।
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अश्लील किताबें बंटवाने मामले में अखिलेश दुबे को राहत:सबूत न मिलने पर जांच बंद कर फाइनल रिपोर्ट लगाएगी जूही पुलिस