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मुजफ्फरनगर में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने करीब 60 लाख रुपये की बीमा पॉलिसी की मैच्योरिटी राशि हड़पने वाले संगठित गिरोह के मास्टरमाइंड और 15 हजार रुपये के इनामी आरोपी अहतेशाम को रविवार दोपहर करीब 3 बजे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी चरथावल थाना क्षेत्र के कुटेसरा गांव का रहने वाला है। पुलिस अब उससे पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों, बैंक खातों और ठगी के पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है। एसपी क्राइम इंदु सिद्धार्थ के अनुसार वर्ष 2019 में हरिद्वार निवासी सुमनलता ने बजाज आलियांज लाइफ इंश्योरेंस से जीवन बीमा पॉलिसी ली थी। आर्थिक कारणों से पॉलिसी बंद करने के बाद उन्होंने जमा धनराशि वापस लेने के लिए आवेदन किया। इसके बाद बीमा कंपनी ने करीब 60 लाख 37 हजार रुपये का मैच्योरिटी चेक ब्लू डार्ट कूरियर के माध्यम से उनके पते पर भेजा था। उन्होंने बताया कि जांच में सामने आया कि चेक को रास्ते में ही गायब कर दिया गया। इसके बाद चेक में कथित रूप से कूटरचना कर उसे मुज़फ़्फ़रनगर के चरथावल क्षेत्र की एक महिला के बैंक खाते में जमा कराया गया। वहां से पूरी रकम अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर निकाल ली गई। हाई-प्रोफाइल साइबर फ्रॉड केस में सफलता मिली पीड़िता को भुगतान नहीं मिलने पर बीमा कंपनी ने आंतरिक जांच शुरू की और पूरे मामले को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरनगर के संज्ञान में भेजा। इसके बाद साइबर क्राइम थाना पुलिस ने जांच करते हुए इस संगठित गिरोह का खुलासा किया। पुलिस इस मामले में पहले ही छह आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें एक पंजाब नेशनल बैंक (PNB) का कर्मचारी भी शामिल है। अब गिरोह के मुख्य संचालक अहतेशाम की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को इस हाई-प्रोफाइल साइबर फ्रॉड केस में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ के आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका, ठगी की रकम के लेन-देन और संभावित अन्य मामलों की भी जांच की जा रही है। बरामदगी और आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
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60 लाख के बीमा घोटाले का मास्टरमाइंड गिरफ्तार:15 हजार का इनामी सरगना था, मैच्योरिटी चेक रास्ते में गायब कर फर्जी खाते में जमा कराया