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संतकबीरनगर में बीते 20 दिनों में 70 से अधिक लोग सर्पदंश का शिकार हो चुके हैं। खेतों में पानी भरने के कारण सांप अब घरों और बस्तियों की ओर रुख कर रहे हैं। सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि आधे से अधिक लोगों को उनके घर या घर के आसपास ही सांप ने काटा। पीएचसी से लेकर बीआरडी मेडिकल कॉलेज तक सर्पदंश के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे स्वास्थ्य विभाग भी सतर्क हो गया है। जिले में 30 जून से लगातार हो रही बारिश के बाद सर्पदंश के मामलों में अचानक तेजी आई है। बारिश से खेतों और बिलों में पानी भर जाने के कारण चूहे और सांप सुरक्षित ठिकाने की तलाश में रिहायशी इलाकों की ओर आने लगे हैं। रात के समय घरों में मौजूद चूहों की तलाश में सांप अंदर तक पहुंच रहे हैं और इसी दौरान उनका सामना परिवार के लोगों से हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक पिछले 20 दिनों में 70 से अधिक लोगों को सांप ने काटा है। इनमें सबसे ज्यादा 35 लोग अपने घर या घर के आसपास सर्पदंश का शिकार हुए हैं, जबकि अन्य मामलों में खेतों और खुले स्थानों पर सांप ने लोगों को निशाना बनाया। धान की रोपाई के दौरान किसान को डसा सांप सर्पदंश के बढ़ते मामलों में पिपरा गांव निवासी प्रेम प्रकाश का मामला भी सामने आया। वह धान की रोपाई की तैयारी के लिए खेत की मेड़ बना रहे थे। इसी दौरान जैसे ही उन्होंने फावड़े से मेड़ के पास मिट्टी काटी, वहां छिपे सांप ने उन पर हमला कर दिया। सांप के काटते ही प्रेम प्रकाश खेत में ही गिर पड़े। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उनके बेटे रणजीत को सूचना दी। परिजनों और ग्रामीणों की मदद से उन्हें पहले नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, जहां उनका इलाज चल रहा है। छत पर बिस्तर उठाया तो अंगुली में काट लिया धनघटा क्षेत्र के पारासीर गांव निवासी पिंकी चौरसिया भी सर्पदंश का शिकार हो गईं। रात में वह छत पर सोने के लिए बिस्तर उठा रही थीं, तभी उसमें छिपे सांप ने उनकी अंगुली में काट लिया। उन्होंने घबराकर हाथ झटका तो सांप दूर जा गिरा, लेकिन कुछ ही देर में उनके हाथ में तेज दर्द और शरीर में तकलीफ शुरू हो गई। परिजनों ने बिना देर किए उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने तत्काल उपचार शुरू किया। इस घटना के बाद गांव में भी दहशत का माहौल बन गया। बारिश के मौसम में बढ़ा खतरा लगातार सामने आ रहे सर्पदंश के मामलों ने जिले में लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग खेतों में काम करते समय और रात में घरों के भीतर भी सतर्क रहने लगे हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि बारिश के मौसम में सांपों के निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं, इसलिए खेतों में काम करते समय जूते पहनना, रात में टॉर्च का इस्तेमाल करना और घर के आसपास साफ-सफाई बनाए रखना जरूरी है। किसी भी व्यक्ति को सांप काटने पर झाड़-फूंक या घरेलू उपचार के बजाय तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई है। वहीं लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों में एंटी स्नेक वेनम की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जा रही है।
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20 दिन में 70 लोगों को सांप ने डसा:संतकबीरनगर में बारिश से घरों तक पहुंचे जहरीले सांप, खेत से आंगन तक बढ़ा खतरा