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आवास विकास परिषद की तरफ से राजाजीपुरम वार्ड को बसाया गया है। इस कॉलोनी में सबसे बड़ी समस्या सीवर ओवरफ्लो की है। सीवर सीधे हैदर कैनाल में गिरता है। इससे एनजीटी के नियमों का उल्लंघन हो रहा। कूड़े का ढेर नालों में जगह-जगह पर देखने को मिलता है। वार्ड में नालों के दोनों तरफ अतिक्रमण है। आलम नगर से राजाजीपुरम तक बनने वाला पुल आधा बनने के बाद बीच में ही दो साल से खड़ा पड़ा है। वहीं, 55 पार्कों में एक वीआईपी पार्क लगातार तीन साल से राजभवन की प्रतियोगिता में स्थान बना रहा है। क्रिया घर और छठ घाट जैसी सुविधाएं राहत दे रही हैं, लेकिन जर्जर सामुदायिक केंद्र और विवादों में घिरा मिनी स्टेडियम अब भी बड़े मुद्दे बने हुए हैं।। दैनिक भास्कर एप ‘वार्ड परिक्रमा’ मुहिम चला रहा है। इसके तहत नगर निकाय के वार्डों की वास्तविक स्थिति जानने की कोशिश की जा रही है। इसी क्रम में हमारी टीम वार्ड नंबर-79 राजाजीपुरम में पहुंची। यहां के प्रमुख कॉलोनियों, मोहल्लों, इलाकों का हाल जाना। निवासियों से बात कर उनकी समस्या समझने की कोशिश की। 3 तस्वीरों में देखिए वॉर्ड की ग्राउंड रियलिटी- वार्ड की बड़ी समस्याएं सीवर सीधे हैदर कैनाल में गिर रहा. 1975 में राजाजीपुरम कॉलोनी को आवास विकास ने नगर निगम को हैंड ओवर कर दिया। इसके बाद से अभी तक 50 साल से हो गए। सीवर लाइन डैमेज हो गई है। इंजीनियर्स का कहना है कि सीवर की लाइफ टाइम 30 से 40 साल होती है। सी ब्लॉक सपना कॉलोनी, ई ब्लॉक एलआईजी मकानों में सबसे अधिक समस्या है। इस वार्ड का 90 फीसदी सीवर सीधे हैदर कैनाल में गिरता है। इसके बाद हैदर कैनाल का पानी सीधे गोमती में जाता है। इससे NGT के नियमों का उल्लंघन कर पर्यावरण को क्षति पहुंचाने का काम नगर निगम कर रहा। अतिक्रमण से घिरी सड़कें और नाले. आलमनगर रेलवे कॉलोनी में सड़कों पर अतिक्रमण के कारण वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। वहीं, हैदर कैनाल नाले के दोनों किनारों पर अतिक्रमण है। अतिक्रमण के चलते पिछले 30 वर्षों से नाले की तली की सफाई नहीं हो सकी है। सफाई करने वाली मशीनें नाले से निकली सिल्ट को किनारों पर नहीं रख पातीं। प्रमुख सचिव अमृत अभिजात ने दो साल पहले नाले को देख कर शिल्ट निकलने की व्यवस्था बनाने का निर्देश दिया था। इसके साथ ही क्षेत्र के नाले और नालियों पर भी अतिक्रमण है। अधिकतर घरों ने रैंप के नाम पर पक्का निर्माण कर रखा है। इसके कारण साफ सफाई कराने में लोगों को परेशानी होती है। हवा में लटका ओवर ब्रिज. ब्रिज कॉरपोरेशन की तरफ से आलम नगर से राजाजीपुरम तक बनने वाला पुल आधा अधूरा है। पुल रेलवे क्रासिंग के पास में हवा में पूरी तरह से ऐसे लटका हुआ है,जैसे प्लेन टेक ऑफ कराया जाना हो। इसके कारण राजाजीपुरम का सबसे पौश डी ब्लाक के लोगों की जिंदगी खराब बनी हुई है। ब्रिज बनने के कारण क्षेत्र का सीवर और पाइप लाइन टूट गई है। लोगों के घरों में सीवर का गंदा पानी घुस रहा है। इससे सटे सर्विस रोड़ दो साल से खराब पड़ा हुआ है। आए दिन लोग दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। कम्युनिटी सेंटर और स्टेडियम हैंडओवर नहीं. आवास विकास परिषद की सबसे बड़ी कॉलोनी राजाजीपुरम की थी, लेकिन कॉलोनी में कूड़ा घर तक की जमीन परिषद ने बेच डाली। कम्युनिटी सेंटर इलाके में नहीं है। सी ब्लॉक में एक कम्युनिटी सेंटर है, लेकिन जर्जर हालात बने हैं। आरोप है कि पूरी कॉलोनी हैंडओवर करने के बाद में परिषद ने एक कम्युनिटी सोसायटी और नगर निगम को नहीं दिया। इसके कारण सार्वजनिक कार्यक्रम कराने में लोगों को मुश्किलें होती हैं। क्षेत्र में एक मिनी स्टेडियम बना है, इसको पहले आवास विकास ने बारात घर के रूप में प्रयोग किया। विरोध के बाद आवास विकास ने मिनी स्टेडियम को ठेके पर दे दिया। इसके कारण अब बच्चों को खेलने के लिए पैसा देना पड़ता है। लोगों का कहना है कि जब पूरी सोसाइटी नगर निगम को हैंड ओवर की गई तो इसे भी करना चाहिए। इंटरलॉकिंग और बिजली की समस्या दूर करने की मांग घरों के अंदर घुसता है मानव मल कृष्णानंद बी ब्लाक के रहने वाले हैं। उनका कहना है कि पार्षद के कार्यकाल में बेहतर हुए हैं। पुरानी आवास विकास की कॉलोनी है। ऐसे में सीवर का पानी चोक होने की समस्या होती है। लोगों के घरों के अंदर गंदगी और मानव मल घुस जाती हैं। केके मिश्रा सी ब्लाक में रहते हैं। वह बताते हैं कि हमारे ब्लॉक में पारा के लिए एक पुल बन रहा है। वह अधूरा पड़ा हुआ है। उसकी सड़क अधूरी है। साइट पटरी पूरी होने की जरूरत है। दो साल से यह पुल अधूरा पड़ा है। 400 साल पुराने कर्बला में पानी छिड़काव की मांग पार्षद बोले- 50 साल पुरानी सीवर लाइन बनी सबसे बड़ी मुसीबत राजीव त्रिपाठी पार्षद प्रतिनिधि हैं। उनका कहना है कि प्रमुख रूप से वार्ड में सीवर की समस्या है। 50 साल पुरानी सीवर लाइन है। इनके चैंबर जर्जर हो चुके हैं। गंदे पानी समस्या है। चैंबर टूट रहे हैं। गंदे पानी की समस्या है। चौड़ी सड़क वार्ड की है। यहां पर पार्षद निधि से काम कराया जाना संभव नहीं है। ब्रिज कॉरपोरेशन की ओर से बन रहे पुल का निर्माण पिछले आठ महीने से बंद पड़ा है। अधूरे निर्माण के कारण सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जबकि सीवर और पेयजल पाइपलाइन भी टूट चुकी हैं। उनका आरोप है कि पुल का ढांचा तैयार होकर हवा में खड़ा है, लेकिन निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ रहा। सामुदायिक केंद्र आवास विकास की तरफ से सी ब्लाक का नगर निगम को हैंडओवर नहीं किया जा रहा है। इसे हैंडओवर किया जाना चाहिए। जब पूरा वार्ड हैंडओवर किया गया है। क्रिया घर के साथ में पक्के छठ घाटा का निर्माण किया गया है। —————————— इस वार्ड को भी जानिए- जानकीपुरम प्रथम में सीवर ओवरफ्लो, कूड़ा नहीं उठता : लोग बोले- अधिकारी काम नहीं करते, पार्क बदहाल; पार्षद ने भी उठाए सवाल लखनऊ का मड़ियांव गांव जानकीपुरम प्रथम वार्ड का हिस्सा है। यह यह क्षेत्र अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान के लिए जाना जाता है। 139 वर्षों से यहां रामलीला मैदान में रामलीला का मंचन होता आ रहा है। गांव और कई कॉलोनियों में साफ-सफाई की स्थिति बेहतर नजर आती है। हालांकि, इस वार्ड की सबसे बड़ी समस्या सीवर व्यवस्था है। कई इलाकों में सीवर ओवरफ्लो हो रहे हैं और नालियां बजबजा रही हैं। खुले प्लॉटों और सेक्टरों में कूड़े के ढेर लगे हैं, जबकि डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन में लापरवाही के आरोप भी लग रहे हैं। (पूरी खबर पढ़िए)
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हैदर कैनाल में गिर रहा राजाजीपुरम का सीवर:एनजीटी नियमों का उल्लंघन, दो साल से अधूरा पुल हवा में लटका, नरक बनी जिंदगी