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हापुड़। रविवार को दिल्ली रोड स्थित जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यालय पर महान समाज सुधारक और बहुजन समाज के प्रणेता कांशीराम की जयंती मनाई गई। कांशीराम के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए। पूर्व विधायक गजराज सिंह ने इस अवसर पर कहा कि कांशीराम ने जातिगत भेदभाव को समाप्त करने के लिए 1964 में एक दलित सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में कार्य करना शुरू किया था। उनके करीबी लोगों के अनुसार, उन्होंने यह निर्णय डॉ. आंबेडकर की पुस्तक “एनीहिलेशन ऑफ कास्ट” को पढ़कर लिया था। कांशीराम बी. आर. अम्बेडकर और उनके दर्शन से काफी प्रभावित थे। जिला अध्यक्ष राकेश त्यागी ने बताया कि कांशीराम ने शुरू में रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (RPI) का समर्थन किया था, लेकिन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के साथ जुड़े रहने के कारण उनका मोहभंग हो गया। इसी कारण उन्होंने 1971 में अखिल भारतीय एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक कर्मचारी संघ की स्थापना की, जो बाद में 1978 में BAMCEF बन गया। शहर अध्यक्ष इरफान अहमद ने BAMCEF के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि यह एक ऐसा संगठन था, जिसका उद्देश्य अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों, अन्य वर्गों और अल्पसंख्यकों के शिक्षित सदस्यों को अम्बेडकरवादी सिद्धांतों का समर्थन करने के लिए प्रेरित करना था। उन्होंने स्पष्ट किया कि BAMCEF न तो एक राजनीतिक और न ही एक धार्मिक संस्था थी, और इसका अपने उद्देश्य के लिए आंदोलन करने का भी कोई उद्देश्य नहीं था।
कार्यक्रम में उपस्थित कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बहुजन समाज सुधारक मान्यवर कांशीराम के पदचिन्हों पर चलने का संकल्प लिया। इस दौरान पिलखुआ नगर अध्यक्ष रजनीश त्यागी, वरिष्ठ कांग्रेसी डॉ. वीसी शर्मा, विधि प्रकोष्ठ जिला चेयरमैन एडवोकेट रघुवीर सिंह, पूरनमल आनंद, सरका देवी, सुखबीर सिंह गौड़, एडवोकेट गुलफाम, एससी-एसटी कांग्रेस जिलाध्यक्ष नरेश भाटी, जिला महासचिव गौरव गर्ग, योगेश शर्मा, सुधीर शर्मा, आदेश शर्मा, देवेंद्र कुमार, विनोद कर्दम, जस्सा सिंह, मोहम्मद फुरकान, धर्मपाल दरोगा, गोपाल भारती, महबूब अली सहित कई कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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हापुड़ में कांग्रेसियों दी कांशीराम को श्रद्धांजलि:माल्यार्पण किया और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया