सिगरेट के विवाद में करन ने की थी हत्या:कानपुर में डबल मर्डर के बाद सिमरा गांव गए आरोपी, समीर ने मुहैया कराया तमंचा


विराट नगर में बाइक टकराने के विवाद में पिता-पुत्र की चाकू मारकर हत्या करने के बाद आरोपी करन वर्मा और उत्सव अवस्थी अपने साथी सिमरा गांव निवासी समीर के घर पहुंचे थे। जांच में सामने आया है कि समीर ने ही करन को तमंचा और कारतूस मुहैया कराया था। तीनों एक साथ शहर छोड़ने की फिराक में थे, लेकिन पुलिस एनकाउंटर में हत्थे चढ़ गए। एडीसीपी साउथ योगेश कुमार ने बताया कि रविवार रात वारदात के बाद पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही थी। साथ ही शहर भर में चेकिंग अभियान भी चलाया जा रहा था। सोमवार तड़के आवास विकास हंसपुरम इलाके में घेराबंदी के बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में मुख्य आरोपी करन ने बताया कि हत्या के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए ही समीर ने तमंचा और कारतूस का इंतजाम किया गया था। मौके से तमंचा, कारतूस और वारदात में प्रयुक्त चाकू भी बरामद की गई है। चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। 2023 में सिगरेट के विवाद में की थी हत्या, गए थे जेल आरोपी करन वर्मा, शिवा और समीर पर नौबस्ता थाने में हत्या का एक और मुकदमा दर्ज हैं। वर्ष 2023 में आरोपी ने सिगरेट के विवाद में गांव के ही एक युवक के सिर पर लोहे की राड मार दी थी, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई थी। मृतक की बहन ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा कराया था। एडीसीपी ने बताया कि अक्टूबर 2023 को सिमरा गांव की गायत्री गौतम ने करन और समीर व एक अन्य के खिलाफ सिगरेट के विवाद में भाई विवेक गौतम के सिर पर लोहे की राड मारने का आरोप लगाकर मुकदमा कराया गया था। बाद में विवेक की इलाज के दौरान मौत हो गई थी, जिस पर जानलेवा हमले की धारा में दर्ज मुकदमे को पहले जान से मारने के प्रयास और फिर हत्या की धारा में तरमीम किया गया। मामले में करन और समीर की गिरफ्तारी के बाद आरोपी शिवा वर्मा का नाम प्रकाश में आया था। समीर के नाबालिग होने पर उसे बाल सुधार गृह भेजा गया था, जबकि करन और शिवा जेल गए थे। समीर कुछ महीने बाद बाल सुधार गृह से बाहर आ गया था। वहीं शिवा और करन वर्ष 2025 में जमानत पर छूट करके आए थे। कांपते हाथों ने सत्यम ने किए हस्ताक्षर पिता-भाई की मौत से घायल सत्यम भी गहरे सदमे में है। वह कुछ भी बोलने की स्थिती में नहीं था,जबकि मां सुधा त्रिवेदी हंसता-खेलता परिवार पल भर में उजड़ने की बात कहती रही। सत्यम की हालत देख सनिगवां के कांशीराम कालोनी में रहने वाले रिश्तेदार चाचा रमाशंकर पांडेय ने तहरीर लिखी, जिस पर कांपते हाथों से सत्यम ने हस्ताक्षर किए। सत्यम ने भी विवाद की वजह बाइक टकराना ही बताया। बताया कि उसने सिर्फ ठीक से चलाने की बात कही थी, लेकिन आरोपित उन पर हमलावर हो गए। उम्मीद ही नहीं थी कि वे इस हद तक उतर आएंगे। नम आंखों से सत्यम ने भी आरोपियों को सख्त सजा दिलाने जाने की मांग की।

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