सहारनपुर में फर्जी चेक से कराया जमीन का बैनामा:पीड़ित बोला–पैसे मांगने पर गला घोंटने की कोशिश, कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज


सहारनपुर की कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव दूधली बुखारा निवासी एक व्यक्ति ने गांव दाबकी जुनारदार के पांच लोगों पर धोखाधड़ी, मारपीट और जानलेवा हमले का आरोप लगाया है। पीड़ित ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर मुकदमा दर्ज कराने और मामले की जांच कराने की मांग की है। जिसके बाद कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया है। दूधली बुखारा निवासी वाजिद पुत्र खुरशीद ने न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि वह एक साधारण और अनपढ़ व्यक्ति है। उसकी कृषि भूमि के एक हिस्से का सौदा गांव दाबकी जुनारदार निवासी अब्दुल सलाम के साथ 5 लाख रुपये में हुआ था। आरोप है कि बैनामे में भुगतान के लिए पंजाब नेशनल बैंक का एक चेक दर्शाया गया, लेकिन उसे कभी कोई चेक नहीं दिया गया। रजिस्ट्री के समय आरोपी ने चेक में कमी होने की बात कहकर बाद में देने का भरोसा दिलाया और रजिस्ट्रार के सामने पूरी रकम प्राप्त होने की बात कहलवा दी। पीड़ित का आरोप है कि बाद में आरोपी ने स्वयं स्वीकार किया कि बैनामा कराने के लिए चेक नंबर केवल औपचारिक रूप से दर्ज कराया गया था। जब उसने अपने पैसे की मांग की तो आरोपी ने भुगतान से इनकार कर दिया। 5 मई 2026 को रकम मांगने और पंचायत बुलाने की बात कहने पर आरोपी ने कथित तौर पर गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी देकर भगा दिया। प्रार्थना पत्र के अनुसार, 8 मई की रात करीब 8 बजे अब्दुल सलाम, मेहरान, जीशान, शमशुर्रहमान तथा एक अज्ञात व्यक्ति उसके घर में जबरन घुस आए। आरोप है कि सभी ने मिलकर उसके साथ मारपीट की। इसी दौरान आरोपियों ने कहा कि उन्होंने धोखे से बैनामा कराया है और कोई पैसा नहीं देंगे। वाजिद का आरोप है कि मारपीट के दौरान आरोपियों ने उसे जमीन पर गिरा दिया। उसके हाथ-पैर पकड़ लिए गए और अब्दुल सलाम ने गले में पड़े गमछे से उसका गला घोंटने का प्रयास किया। शोर सुनकर उसकी पत्नी ने आसपास के लोगों को बुलाया, जिसके बाद आरोपी मौके से भाग निकले। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि जाते समय आरोपियों ने घर में तोड़फोड़ की और दहशत फैलाने के लिए फायरिंग की। साथ ही दोबारा पैसे मांगने पर उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी। वाजिद का कहना है कि घटना की सूचना पुलिस को दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भी रजिस्टर्ड डाक से शिकायत भेजी। कार्रवाई न होने पर उसने न्यायालय में प्रार्थना पत्र दाखिल कर मुकदमा दर्ज कराने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया है।

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