सहारनपुर कोर्ट के आदेश पर FIR…पुलिस ने नहीं की कार्रवाई:जमीन की रंजिश में बुजुर्ग पर लोहे की रॉड और लाठी से हमला कर तोड़ दिया था पैर


सहारनपुर में तीतरों थाना क्षेत्र के गांव कोलाखेड़ी में खेत पर काम कर रहे 80 वर्षीय बुजुर्ग पर लोहे की रॉड और लाठी से हमला कर गंभीर रूप से घायल करने के मामले में पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया है। पीड़ित के बेटे श्रवण कुमार ने गांव के ही विशाल और कुशलपाल समेत दो अज्ञात लोगों पर हमला करने, गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी देने और गंभीर चोट पहुंचाने के आरोप लगाए हैं। पीड़ित का आरोप है कि घटना के बाद उसने पुलिस से शिकायत की, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। इसके बाद न्यायालय की शरण ली गई। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। खेत में काम कर रहे थे बुजुर्ग, तभी आरोपियों ने किया हमला कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र के अनुसार, गांव कोलाखेड़ी निवासी श्रवण कुमार के 80 वर्षीय पिता राम सिंह 11 जुलाई 2026 की सुबह करीब आठ बजे अपने खेत पर काम कर रहे थे। आरोप है कि इसी दौरान गांव के विशाल पुत्र अशोक कुमार और कुशलपाल पुत्र कशमीरा दो अज्ञात लोगों के साथ खेत पर पहुंचे। विशाल के हाथ में लोहे की रॉड और कुशलपाल के हाथ में लाठी थी। आरोप है कि दोनों ने राम सिंह के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। इसके बाद जान से मारने की नीयत से उन पर हमला कर दिया। मारपीट में राम सिंह के पैर में गंभीर चोट आई और पैर टूट गया। आरोपियों ने उनके शरीर पर भी कई जगह वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर खेत में गिर पड़े। शोर सुनकर पहुंचे ग्रामीण, आरोपियों ने दी धमकी प्रार्थना पत्र में बताया गया कि मारपीट के दौरान राम सिंह की चीख-पुकार सुनकर ओमवीर पुत्र अतर सिंह और राजेंद्र मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों के पहुंचने पर आरोपी वहां से चले गए। आरोप है कि जाते समय आरोपियों ने धमकी दी कि आज तो बच गया, लेकिन मौका मिलने पर जान से मार देंगे। इसके बाद श्रवण कुमार अपने घायल पिता को उपचार के लिए सरकारी अस्पताल गंगोह लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने उनकी हालत गंभीर देखते हुए उन्हें सहारनपुर के सरकारी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। आरोप है कि राम सिंह को सहारनपुर में करीब तीन दिन तक भर्ती रखकर उपचार और मेडिकल किया गया। जमीन को लेकर पहले से रंजिश का आरोप श्रवण कुमार ने न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि विपक्षी पक्ष आपराधिक प्रवृत्ति का है और गलत लोगों के साथ उठना-बैठना है। दोनों पक्षों के बीच जमीन को लेकर पहले से रंजिश चली आ रही है। प्रार्थी ने यह भी आरोप लगाया कि विपक्षी पक्ष के राजनीतिक लोगों और पुलिस से संबंध हैं, जिसके चलते पुलिस ने शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं की। एसएसपी को रजिस्टर्ड डाक से भेजी शिकायत, नहीं हुई कार्रवाई प्रार्थी के मुताबिक, घटना के बाद उसने मामले में कार्रवाई के लिए सहारनपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को शिकायती प्रार्थना पत्र भेजा था। यह प्रार्थना पत्र रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से भेजा गया। प्रार्थी ने न्यायालय में एसएसपी को भेजे गए शिकायती पत्र की छायाप्रति और रजिस्ट्री की रसीद भी प्रस्तुत की। आरोप है कि इसके बावजूद पुलिस की ओर से मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। इसके बाद श्रवण कुमार ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने और मामले की विवेचना कराने की मांग की। न्यायालय के आदेश के बाद तीतरों पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 117(2), 191(1), 352 और 351(2) तथा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 173(4) के तहत कार्रवाई की गई है। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस अब घटना की जांच, आरोपों की पुष्टि और संबंधित साक्ष्यों को जुटाने में लगी है। मामले में नामजद आरोपियों के साथ दो अज्ञात लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

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