![]()
ज्येष्ठ पूर्णिमा के पावन अवसर पर सोमवार को अयोध्या धाम में सरयू जयंती महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। सरयू तट पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मां सरयू का दुग्धाभिषेक, पूजन-अर्चन और भव्य महाआरती आयोजित की गई। श्रद्धालुओं ने प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि, शांति तथा लोककल्याण की कामना करते हुए मां सरयू की आराधना की। महोत्सव में उत्तर प्रदेश के जनशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह भी शामिल हुए। उन्होंने संत-महात्माओं के साथ सरयू तट पर पूजन-अर्चन किया और मलूक पीठाधीश्वर महंत राजेंद्र दास महाराज के श्रीमुख से कथा श्रवण किया। इस अवसर पर मंत्री ने कहा कि मां सरयू भारतीय संस्कृति, आस्था और आध्यात्मिक चेतना की अमूल्य धरोहर हैं। ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में एकता, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गंगा, यमुना और सरयू जैसी पवित्र नदियों को स्वच्छ और निर्मल बनाए रखने के लिए संकल्पबद्ध है। संतों ने किया दुग्धाभिषेक और पूजन आयोजन में मलूक पीठाधीश्वर अग्र देवाचार्य जी महाराज, राजकुमार दास जी महाराज, गौरी शंकर दास जी महाराज, महंत जनार्दन दास जी महाराज, शशिकांत दास जी, गिरीश दास जी महाराज, रामानंद दास जी महाराज, गंगा दास जी, रामगोपाल दास जी, अनुराग दास जी और मनीष दास जी सहित बड़ी संख्या में संत-महात्मा मौजूद रहे। सभी संतों ने विधि-विधान से मां सरयू का अभिषेक और पूजन कर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान किया। दिनभर गूंजते रहे जय मां सरयू के जयकारे पूरे सरयू तट पर दिनभर भक्तिमय वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने “जय मां सरयू” के जयघोष के साथ पूजा-अर्चना की और महाआरती में हिस्सा लिया। संतों ने अपने संदेश में कहा कि मां सरयू केवल एक पवित्र नदी नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति की जीवनधारा हैं। उनका जन्मोत्सव समाज को धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने का संदेश देता है। महाआरती और प्रसाद वितरण के साथ हुआ समापन महोत्सव का समापन भव्य महाआरती, प्रसाद वितरण और श्रद्धालुओं के मंगलकामना संकल्प के साथ हुआ। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने सरयू जयंती महोत्सव को भव्य और ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया। सरयू तट पर देर शाम तक भक्तों की भीड़ और भक्ति का उत्साह देखने को मिला।
Source link
सरयू जयंती पर अयोध्या में उमड़ा आस्था का सैलाब:दुग्धाभिषेक, महाआरती-पूजन में जलमंत्री समेत हजारों श्रद्धालु शामिल हुए