सरयू का जलस्तर बढ़ने से बस्ती में बाढ़ का खतरा:तेज कटान से सैकड़ों बीघा जमीन नदी में समाई, कई गांवों पर संकट


बस्ती जिले के दक्षिणांचल में सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ और कटान का खतरा गहराने लगा है। लगभग 55 किलोमीटर लंबे तटवर्ती क्षेत्र में नदी की तेज धारा से कटान हो रही है, जिससे विक्रमजोत, कुदरहा और दुबौलिया विकास खंड के कई गांव प्रभावित हैं। सैकड़ों बीघा कृषि भूमि नदी में समा चुकी है, जबकि खेतों में पानी भरने से धान समेत अन्य फसलें प्रभावित हो रही हैं। इस बीच शुक्रवार को सरयू नदी का जलस्तर 92.350 मीटर दर्ज किया गया, जो गुरुवार को 92.150 मीटर था। नदी अभी खतरे के निशान 92.730 मीटर से 38 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने तटवर्ती इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी है और लोगों से नदी किनारे अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की है। गांव से महज पांच मीटर दूर पहुंची नदी विक्रमजोत ब्लॉक के सिकटहा पांडेय गांव में सरयू की धारा सोती पार कर कृषि भूमि का कटान कर रही है। वहीं बाढ़ खंड प्रथम के अंतर्गत धुसवां तटबंध के किनारे भी कटान तेज हो गई है। दुधौरा पूरेकुमार गांव के पास नदी की धारा पहुंच चुकी है और गांव व नदी के बीच अब केवल पांच मीटर की दूरी बची है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो तटबंध के साथ-साथ गांव भी खतरे की जद में आ सकते हैं। सैकड़ों बीघा जमीन नदी में समाई, किसान परेशान कटान की चपेट में आकर अब तक सैकड़ों बीघा उपजाऊ कृषि भूमि नदी में समा चुकी है। खेतों के कटने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीण अतुल सिंह ने बताया कि तटबंध की सुरक्षा को लेकर प्रशासन को लंबे समय से अवगत कराया जा रहा था, लेकिन समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। अब कटान तेज होने से तटबंध पर भी खतरा मंडराने लगा है। 10 से 12 गांवों में फैलने लगा बाढ़ का पानी कुदरहा क्षेत्र में कलवारी-रामपुर तटबंध और सरयू नदी के बीच बसे 10 से 12 गांवों में बाढ़ का पानी फैलने लगा है। खेत जलमग्न होने से धान सहित अन्य खरीफ फसलों को नुकसान पहुंच रहा है। वहीं दुबौलिया क्षेत्र के निचले इलाकों के ग्रामीण भी सतर्क हो गए हैं और नदी के बढ़ते जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। संवेदनशील स्थानों पर डाले जा रहे बोल्डर बाढ़ खंड प्रथम के अवर अभियंता प्रदीप कुमार ने बताया कि तटबंध की सुरक्षा के लिए संवेदनशील स्थानों पर बोल्डर डाले जा रहे हैं। विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं और जहां जरूरत होगी, वहां अतिरिक्त सुरक्षा कार्य भी कराया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए सभी संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां की जा रही हैं।

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