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अयोध्या जिले में शारदा सहायक नहर पर निर्भर करीब दो लाख किसानों के लिए राहत और चिंता दोनों की स्थिति बनी हुई है। लगभग एक माह के लंबे इंतजार के बाद मुख्य नहर में पानी तो पहुंच गया है, लेकिन अभी तक माइनर और गुलों में सप्लाई शुरू नहीं हो पाई है। इससे खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा और किसान सिंचाई को लेकर परेशान हैं। इस समय गेहूं की कटाई के बाद किसान जायद की फसलों जैसे गन्ना, मक्का और सब्जियों की खेती में जुटे हैं। इन फसलों के लिए नियमित सिंचाई जरूरी है, लेकिन माइनर में पानी न आने से दिक्कत हो रही है। हालांकि मुख्य नहर में पानी आने से आसपास के तालाबों और पोखरों में जलभराव शुरू हुआ है, जिससे कुछ राहत मिली है। इसी बीच बीते दो दिनों में हुई तेज आंधी और बारिश ने परेशानी बढ़ा दी है। गन्ना किसानों को बारिश से फायदा हुआ, लेकिन मक्का और सब्जी की खेती करने वालों को नुकसान झेलना पड़ा है। तेज हवाओं से कई खेतों में सब्जियों की फसल जमीन पर गिर गई और पौधे क्षतिग्रस्त हो गए। किसान रामकुमार, देवी प्रसाद, प्रेम प्रकाश पाण्डेय, आनंद कुमार और अभिनव ने बताया कि फल वाली सब्जियां तेज हवा-बारिश से पूरी तरह प्रभावित हो गई हैं। कई पौधे टूट गए हैं और कुछ सूखने की स्थिति में हैं। मक्के की फसल भी आंधी में गिर गई है, जिससे उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका है। किसानों का कहना है कि माइनर और गुलों में जल्द पानी नहीं छोड़ा गया तो जायद की फसलें संकट में पड़ जाएंगी। नलकूप से सिंचाई महंगी पड़ रही है। उन्होंने सिंचाई विभाग से तुरंत पानी छोड़ने की मांग की है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के मुताबिक मुख्य नहर में पानी का लेवल बनने के बाद माइनरों में आपूर्ति शुरू होगी। टेल तक पानी पहुंचाने में 3-4 दिन और लग सकते हैं।
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शारदा सहायक नहर में पानी आने के बावजूद माइनर सूखे:2 लाख किसान परेशान; आंधी-बारिश से सब्जी-मक्का फसल को नुकसान