शामली पशु अस्पताल में डॉक्टर नहीं, गाय की मौत:पशुपालकों ने व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए, कर्मचारी ने दी थी दवा


शामली के हसनपुर लुहारी स्थित सरकारी पशु अस्पताल में चिकित्सकीय सेवाओं की बदहाली का मामला सामने आया है। यहां इलाज के अभाव में एक गाय की मौत हो गई। पशुपालक का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने पर उसे डॉक्टर और फार्मासिस्ट नहीं मिले, जिसके बाद एक कर्मचारी ने दवा दी। दवा देने के बाद गाय की हालत बिगड़ती चली गई और तीन दिन बाद उसने दम तोड़ दिया। पशुपालक नरेंद्र कुमार ने बताया कि उनकी गाय के शरीर पर चिचड़ी होने की शिकायत थी, जिसके इलाज के लिए वह उसे सरकारी पशु अस्पताल ले गए थे। अस्पताल में डॉक्टर और फार्मासिस्ट अनुपस्थित थे। वहां मौजूद एक कर्मचारी ने उन्हें दवा दी और गाय को पिलाने की सलाह दी। नरेंद्र के अनुसार, घर पहुंचकर दवा देने के बाद गाय की हालत में सुधार होने के बजाय वह लगातार बिगड़ती गई। जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग नरेंद्र ने आरोप लगाया कि गाय की हालत गंभीर होने पर उन्होंने लगातार तीन दिन तक अस्पताल से संपर्क करने का प्रयास किया। हालांकि, कोई भी डॉक्टर या कर्मचारी गाय को देखने नहीं पहुंचा। फोन करने पर या तो कॉल रिसीव नहीं की गई या जल्द आने का आश्वासन दिया गया। आखिरकार, उचित इलाज के अभाव में गाय ने दम तोड़ दिया। पशुपालक ने इस मामले की जांच कराकर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीण राहुल सैनी ने आरोप लगाया कि अस्पताल में डॉक्टर और फार्मासिस्ट के नियमित रूप से अनुपस्थित रहने की शिकायत लंबे समय से बनी हुई है। इस कारण पशुपालकों को मजबूरी में निजी पशु चिकित्सकों का सहारा लेना पड़ता है। ग्रामीण अमित और राहुल ने यह भी आरोप लगाया कि कई बार अप्रशिक्षित कर्मचारियों के भरोसे ही पशुओं का उपचार कराया जाता है, जिससे पशुओं के जीवन पर खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने सरकारी दवाओं के कथित दुरुपयोग और उपचार के नाम पर अवैध वसूली के आरोप भी लगाए हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। जांच और कार्रवाई का आश्वासन ग्रामीण अरविंद, राहुल, अजय और अंकित ने जिला प्रशासन एवं पशुपालन विभाग के अधिकारियों से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने अस्पताल में चिकित्सक और फार्मासिस्ट की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा पशुओं के उपचार में कथित लापरवाही की जांच की मांग की। साथ ही लंपी वायरस की रोकथाम के लिए प्रभावी टीकाकरण और निगरानी अभियान चलाने की मांग भी उठाई। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी चंद्रभानु कश्यप ने कहा कि शिकायत मिलने पर मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में कोई दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि पशु अस्पताल में चिकित्सक और कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। लंपी वायरस की रोकथाम के लिए टीकाकरण अभियान भी प्रभावी ढंग से चलाया जा रहा है।

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