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उत्तर प्रदेश विधान परिषद के मानसून सत्र के तीसरे दिन ‘अपार (APAAR) आईडी’ योजना को लेकर उठे सवालों पर सरकार ने अपना पक्ष रखा। बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि यह योजना बच्चों के शैक्षणिक रिकॉर्ड को डिजिटल और सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। 12 अंकों की यूनिक अपार आईडी के जरिए छात्र-छात्राओं के सभी शैक्षणिक दस्तावेज जीवनभर सुरक्षित और डिजिटल रूप से सत्यापित रहेंगे। सदन में चर्चा के दौरान मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार पारदर्शिता और तकनीक आधारित शिक्षा व्यवस्था को बढ़ावा दे रही है। इसी उद्देश्य से केंद्र सरकार की ओर से शुरू की गई अपार–आईडी योजना को लागू किया जा रहा है। अपार आईडी से तत्काल शैक्षणिक रिकॉर्ड का डिजिटल सत्यापन हो सकेगा उन्होंने बताया कि प्रत्येक छात्र के लिए 12 अंकों की एक यूनिक डिजिटल आईडी बनाई जा रही है। इसके जरिए बच्चे के सभी शैक्षणिक रिकॉर्ड एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेंगे। भविष्य में किसी भी विद्यालय, कॉलेज या अन्य शैक्षणिक संस्थान में प्रवेश लेने पर रिकॉर्ड का तत्काल डिजिटल सत्यापन किया जा सकेगा। इससे स्कूल बदलने, स्थानांतरण और नए प्रवेश की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सरल और तेज होगी। अभिभावकों की सहमति से बच्चों की बन रही अपार आईडी संदीप सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि अपार आईडी किसी पर थोपे जाने वाली व्यवस्था नहीं है। इसे अभिभावकों की पूर्ण सहमति के आधार पर तैयार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार के निर्देशों के क्रम में महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने सभी जिलों के अधिकारियों, शिक्षकों और अभिभावकों को योजना के प्रति जागरूक करने और अधिक से अधिक बच्चों की APAAR ID बनवाने के निर्देश दिए हैं। मंत्री ने कहा कि यह योजना छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखकर शुरू की गई है। इससे शैक्षणिक दस्तावेजों के खोने या बार-बार सत्यापन कराने जैसी समस्याओं से राहत मिलेगी और पूरी शिक्षा यात्रा का रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेगा।
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विधान परिषद में सरकार ने किया अपार–आईडी का बचाव:मंत्री संदीप सिंह बोले- अभिभावकों की सहमति से बन रही आईडी, जीवनभर सुरक्षित रहेंगे शैक्षणिक रिकॉर्ड