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मेरठ के वंश सचदेवा को बेंगलुरु में लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर 1 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में जमानत मिल गई है। बेंगलुरु की अदालत के आदेश के बाद 26 जून को उसे जेल से रिहा कर दिया गया। उसकी रिहाई के बाद मेरठ पुलिस भी सतर्क हो गई है और उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही है। वंश सचदेवा को इस मामले में अमित मिरिंडा के साथ गिरफ्तार किया गया था। अदालत ने उसे 5 लाख रुपये के निजी मुचलके और दो स्थानीय जमानतदारों की शर्त पर जमानत मंजूर की है। हालांकि, यह केवल जमानत है; मामले का ट्रायल अभी जारी है और न्यायालय द्वारा अंतिम फैसला सुनाया जाएगा। पुलिस जांच के अनुसार, जुलाई 2025 में बेंगलुरु के एक प्लाईवुड कारोबारी के परिवार को व्हाट्सएप कॉल की गई थी। कॉल करने वाले ने खुद को गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई बताते हुए 1 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी। आरोप है कि रकम न देने पर कारोबारी के बेटे के अपहरण और परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी गई थी। शिकायत के बाद बेंगलुरु पुलिस ने इस मामले में वंश सचदेवा और अमित मिरिंडा को गिरफ्तार किया था। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, वंश सचदेवा मेरठ के नौचंदी थाना क्षेत्र का निवासी है। उसका नाम हिस्ट्रीशीटर अमित मिरिंडा गैंग से जुड़ा बताया जाता है। मेरठ में भी उसके खिलाफ कई गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। बेंगलुरु जेल से रिहाई के बाद मेरठ पुलिस उसकी गतिविधियों पर कड़ी नजर रख रही है। इस हाई-प्रोफाइल रंगदारी मामले में न्यायिक प्रक्रिया जारी है और अदालत का अंतिम फैसला अभी आना बाकी है।
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लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर रंगदारी का आरोपी:मेरठ के वंश सचदेवा को बेंगलुरु कोर्ट से जमानत, जेल से रिहा