लखनऊ में छात्रों के लिए जागरूकता सत्र:अपर पुलिस उपायुक्त ने साइबर सुरक्षा, रैगिंग, महिला सुरक्षा पर दी जानकारी


लखनऊ के हाइजिया ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में मंगलवार को एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में साइबर सुरक्षा, रैगिंग रोकथाम, महिला सुरक्षा और नशे से बचाव को लेकर जागरूकता पर चर्चा हुईं। इसमें करीब 170 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का मकसद युवाओं को वास्तविक जिंदगी के साथ डिजिटल दुनिया में भी सतर्क रहने के लिए जागरूक करना था। अपर पुलिस उपायुक्त अपराध किरन यादव ने छात्रों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि किसी भी असहज या संदिग्ध स्थिति को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय रहते अभिभावक, शिक्षक या पुलिस की मदद लेना जरूरी है। रैगिंग को मजाक न समझें छात्रों को बताया गया कि रैगिंग के नाम पर जूनियर को डराना, धमकाना, अपमानित करना या मानसिक-शारीरिक रूप से परेशान करना स्वीकार्य नहीं है। देर रात बुलाने या किसी गलत गतिविधि के लिए दबाव बनाने पर तुरंत शिकायत करने की सलाह दी गई। महिला सुरक्षा को लेकर पिंक बूथ, महिला सहायता डेस्क और महिला सुरक्षा केंद्र जैसी सुविधाओं की जानकारी भी दी गई। अपरिचित लोगों पर भरोसा न करने और निजी जानकारी साझा करते समय सावधानी बरतने की अपील की गई। फर्जी लिंक और कॉल से रहें सावधान साइबर फ्रॉड से बचने के लिए छात्रों को OTP, पासवर्ड, बैंकिंग डिटेल और निजी जानकारी किसी अनजान व्यक्ति से साझा नहीं करने को कहा गया। फर्जी लिंक, संदिग्ध कॉल, SMS और मैसेज से सावधान रहने की सलाह दी गई। साइबर अपराध होने पर तुरंत शिकायत करने के लिए प्रेरित किया गया। सोशल मीडिया पर निजी जानकारी न डालें छात्रों से सोशल मीडिया की प्राइवेसी सेटिंग का इस्तेमाल करने को कहा गया। मोबाइल नंबर, लोकेशन, कॉलेज और घर से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक नहीं करने की सलाह दी गई। अनजान फ्रेंड रिक्वेस्ट और संदिग्ध प्रोफाइल से दूरी बनाए रखने को कहा गया। नशे को ना कहने का संदेश कार्यक्रम में युवाओं को नशीले पदार्थों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान बताए गए। गलत संगति और जिज्ञासा को नशे की शुरुआत का कारण बताते हुए इससे दूर रहने की अपील की गई। किसी भी दबाव या प्रलोभन पर साफ तौर पर ‘ना’ कहने और साथियों को भी जागरूक करने का संदेश दिया गया। छात्रों ने पूछे सवाल संवादात्मक सत्र में छात्रों ने रैगिंग, साइबर फ्रॉड, सोशल मीडिया और आपात स्थिति से जुड़े सवाल पूछे। पुलिस अधिकारियों ने व्यवहारिक उदाहरणों के जरिए उनके सवालों का समाधान किया। हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी छात्रों को साइबर अपराध और ऑनलाइन फ्रॉड के लिए 1930, मादक पदार्थों से जुड़ी सूचना के लिए MANAS 1933 तथा ड्रग्स और मानव तस्करी संबंधी सूचना के लिए 7839861034 पर जानकारी देने के बारे में बताया गया।

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