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रायबरेली से लखनऊ आ रही एक रोडवेज बस में यात्रियों को उस समय भारी परेशानी का सामना करना पड़ा जब कथित तौर पर रास्ते में बस को करीब 20 मिनट तक रोककर उसमें माल लोड कराया गया। भीषण गर्मी के बीच लंबे समय तक बस खड़ी रहने से यात्रियों में नाराजगी फैल गई और उन्होंने परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। यात्रियों की सुविधा से समझौते का आरोप यात्रियों का आरोप है कि बस के चालक केबिन और आगे के हिस्से में बड़ी मात्रा में सामान रखा गया, जिससे यात्रियों के बैठने और बस के भीतर आने-जाने में दिक्कत हुई। उनका कहना है कि सार्वजनिक परिवहन सेवा में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को नजरअंदाज कर माल ढुलाई को प्राथमिकता दी गई, जो नियमों के भी विपरीत है। कंडक्टर के व्यवहार पर उठे सवाल यात्रियों के मुताबिक, जब कुछ लोगों ने बस में माल लोड करने और देरी को लेकर आपत्ति जताई तो कंडक्टर ने अभद्र व्यवहार किया। आरोप है कि उसने एक चार वर्षीय बच्चे का भी टिकट काटने की धमकी दी। यात्रियों का यह भी कहना है कि नाम पूछे जाने पर कंडक्टर ने अपनी पहचान बताने से इनकार कर दिया। जांच और कार्रवाई की मांग घटना के बाद यात्रियों ने परिवहन निगम के अधिकारियों से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित कर्मी के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जानी चाहिए। यात्रियों ने चेतावनी दी कि ऐसी घटनाएं सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की साख को प्रभावित करती हैं और भविष्य में इस तरह की लापरवाही रोकने के लिए जिम्मेदार कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है।
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रायबरेली-लखनऊ रोडवेज बस में माल ढुलाई का आरोप:भीषण गर्मी में 20 मिनट रुकी बस, यात्रियों ने जांच और दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग उठाई