मोदी जीरॉक्स फैक्ट्री में कर्मचारियों को बंधक बनाने का आरोप:परिजनों के हंगामे के बाद पुलिस जांच में जुटी, प्रबंधन ने आरोपो से इनकार किया


रामपुर के थाना शहजादनगर क्षेत्र में वर्षों से बंद पड़ी मोदी जीरॉक्स फैक्ट्री में कर्मचारियों को बंधक बनाने के आरोपों को लेकर शनिवार को हंगामा हो गया। कर्मचारियों के परिजनों ने आरोप लगाया कि उनके सदस्यों को शुक्रवार से फैक्ट्री परिसर के भीतर रोककर रखा गया था। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और फैक्ट्री में मौजूद कर्मचारियों को बाहर निकलवाया। ग्राम कमोरा निवासी हिमांचल ने पुलिस को दी तहरीर में फैक्ट्री प्रबंधन के कुछ अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें नौकरी से निकालने, मारपीट करने, जबरन कागजात पर हस्ताक्षर कराने और बंधक बनाने का प्रयास किया गया। हिमांचल करीब 21 वर्षों से कंपनी में स्टाफ के लिए भोजन बनाने का काम कर रहे थे। हिमांचल का आरोप है कि भविष्य निधि (पीएफ) के लगभग 20.50 लाख रुपये मांगने पर उनके साथ मारपीट की गई और उन्हें फैक्ट्री में रोककर रखा गया। एक अन्य कर्मचारी लक्ष्मण राम ने भी दावा किया कि उन्हें और छह-सात अन्य कर्मचारियों को शुक्रवार से फैक्ट्री परिसर में बंधक बनाकर रखा गया था। लक्ष्मण राम के अनुसार, 112 पर सूचना देने के बाद शनिवार को पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें बाहर निकलवाया। उन्होंने बताया कि बंधक बनाए गए सभी लोग चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं, जिनमें लक्ष्मण राम, सतीश कुमार, दूल्हा उस्मानी, फैसल, अतीक-उर-रहमान और प्रेम किशोर शामिल हैं। दूसरी ओर, फैक्ट्री प्रबंधन ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। प्रबंधन का कहना है कि फैक्ट्री कई वर्षों से बंद है, इसके बावजूद कर्मचारियों को वेतन दिया जा रहा है। उन्होंने किसी भी कर्मचारी को बंधक बनाने के आरोपों को झूठा और निराधार बताया। थाना प्रभारी शहजादनगर कुलदीप सिंह ने शनिवार रात करीब 8:30 बजे बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला रुपये के लेनदेन से जुड़ा प्रतीत होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फैक्ट्री वर्षों से बंद है, लेकिन कर्मचारियों को भुगतान किया जा रहा है और बंधक बनाए जाने जैसी कोई स्थिति सामने नहीं आई है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा कोई मामला होता तो तत्काल विधिक कार्रवाई की जाती। पुलिस फिलहाल दोनों पक्षों के आरोपों की जांच कर रही है।

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