मेरठ में दलित महापंचायत से पहले नेता हाउस अरेस्ट:ललिता गौतम के परिजनों सहित सपा, भीम आर्मी सहित कई नेताओं को घरों में ही रोका गया


मेरठ में रविवार को कमिश्नरी पार्क में होने वाली दलित महापंचायत को लेकर पुलिस, प्रशासन पिछले दो दिनों से अलर्ट मोड पर था। इसके चलते शनिवार रात ही तमाम राजनीतिक दलों के नेताओं, व्यापारी नेता और छात्र नेताओं को पुलिस ने हाउस अरेस्ट कर दिया। ये लोग महापंचायत में न आ सकें इसकी तैयारी पुलिस ने पहले ही कर ली थी। पुलिस ने शनिवार रात से लेकर रविवार सुबह-सुबह ऐसे लोगों को उनके घरों मे ंही रोक दिया गया। पुलिस का पहरा सभी के घरों पर लगाया गया। नेताओं को उनके घर से नहीं निकलने दिया गया न ही उन्हें पंचायत तक पहुंचने दिया गया। इसको लेकर नेताओं ने सोशल मीडिया पर काफी रोष भी जताया। वहीं ललिता गौतम के परिवार को भी पुलिस ने उनके घर पर हाउस अरेस्ट कर दिया। ललिता के पिता वेदप्रकाश सहित अन्य को घरों में ही रोक दिया।
भीम आर्मी छात्र सभा के पश्चिम प्रभारी और छात्र नेता शान मोहम्मद को किठौर पुलिस ने हाउस अरेस्ट कर लिया। शान मोहम्मद ने आरोप लगाया कि दिग्विजय भाटी, मोहित जाटव और रवि गौतम के साथ मारपीट के मामले में आईपीएस अविनाश पांडे के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग को लेकर कमिश्नर चौराहे पर दलित महापंचायत का ऐलान किया गया था। सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह तानाशाही सरकार है, जो छात्रों, नौजवानों, दलितों और पिछड़ों का शोषण कर रही है। ललिता गौतम के परिवार को भी किया डिटेन जीतू सिंह नागपाल ने कहा कि पीड़ित को न्याय दिलाना या उसकी मांग करना हक की लड़ाई लड़ना अब बहुत मुश्किल हो चुका है यह सब सत्ता का दुरुपयोग है और लोकतांत्रिक अधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। मैं इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करता हूँ। सरकार और प्रशासन से मांग है कि भाई रवि गौतम और दिग्विजय भाटी की सभी जायज़ मांगों को तत्काल पूरा किया जाए और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार सुनिश्चित किया जाए।
डराकर आवाज़ नहीं दबाई जा सकती। न्याय और अधिकार की लड़ाई जारी रहेगी।
दलितों की आवाज उठाना भी अपराध है नेता शेरा जाट को भी मोदीनगर में हाउस अरेस्ट किया गया। लिखा कि कोई अपराध नहीं किया बस किसानों, शोषित वर्ग एवं दलितों की आवाज उठाना, उनके हक़ के लिए लड़ना प्रशासन को इतना नागवार गुजरता है कि आए दिन घर पर पुलिस को भेज कर नज़रबंद कर देती है कल होने वाली किसान एवं दलित पंचायत में अपने लोगो का सहयोग व उनके हक़ की आवाज ना बन जाऊ,इसके लिए आज ही दरोगा जी और दीवान जी ने घर पर आकर रोक लिया। अब अपने निजी कार्य भी नहीं कर सकते हैं ये सरकार तानाशाही से मौलिक अधिकारों का हनन कर बाबा साहेब के संविधान का अपमान करती है।

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