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मेदांता लखनऊ ने किडनी ट्रांसप्लांट के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए 400वां किडनी ट्रांसप्लांट सफलतापूर्वक पूरा किया है। डॉक्टरों के मुताबिक गंभीर किडनी रोग से जूझ रहा मरीज लंबे समय से डायलिसिस पर निर्भर था और उसकी स्थिति लगातार बिगड़ रही थी। जांच और सभी आवश्यक प्रक्रियाओं के बाद सफल किडनी प्रत्यारोपण कर उसे नया जीवन मिला। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक का ट्रांसप्लांट मेदांता लखनऊ के मेडिकल डायरेक्टर डॉ.राकेश कपूर ने कहा कि 25 जून 2020 को किडनी ट्रांसप्लांट कार्यक्रम शुरू हुआ था। जून 2026 तक 419 सफल किडनी ट्रांसप्लांट पूरे कर लिए हैं। बच्चों में किडनी प्रत्यारोपण, रोबोटिक तकनीक से ट्रांसप्लांट और कई हाई-रिस्क मामलों में भी सफलता हासिल की गई है। अस्पताल ने 9 वर्ष के बच्चे से लेकर 65 वर्ष तक के मरीजों का सफल प्रत्यारोपण किया है, जबकि 76 वर्ष तक के अंगदाताओं ने भी अपने परिजनों को नया जीवन देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। घर की महिलाएं बनी डोनर डॉ.राकेश कपूर ने कहा कि आंकड़ों के अनुसार 139 पत्नियों, 130 माताओं और दादियों और 42 बहनों और भाभियों ने अपने परिजनों को किडनी दान की है। इसके अलावा पिता, भाई, बेटियां और पति भी अंगदाता बने हैं। उन्होंने बताया कि इस उपलब्धि में नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी, एनेस्थीसिया, डायलिसिस, नर्सिंग, रेडियोलॉजी और लैब से जुड़ी टीमों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। आधुनिक ट्रांसप्लांट सुविधाओं को अधिक से अधिक जरूरतमंद मरीजों तक पहुंचाकर उन्हें स्वस्थ जीवन उपलब्ध कराना है। समय पर ट्रांसप्लांट कराना बेहद जरूरी डायरेक्टर नेफ्रोलॉजी डॉ. राज कुमार शर्मा ने कहा कि किडनी फेल होने वाले मरीजों के लिए समय पर किया गया ट्रांसप्लांट बेहतर और सामान्य जीवन का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने लोगों से अंगदान के प्रति जागरूक होने की अपील भी की।
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मेदांता लखनऊ ने पार किया 400 किडनी ट्रांसप्लांट का आंकड़ा:डायलिसिस मरीज को मिली नई जिंदगी, रोबोटिक सर्जरी ने दी राहत